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UP : महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद चाचा और चचेरे भाई पर दुष्कर्म का केस दर्ज

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में एक छात्रा की शिकायत पर राष्ट्रीय महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने चार घंटे के भीतर उसके चाचा और चचेरे भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया। छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसके चाचा और चचेरे भाई ने उसके साथ गलत हरकत की और बाद में परिवार के दबाव में उससे जबरन समझौता करा दिया गया।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा ने चाचा और चचेरे भाई पर लगाए आरोप
पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाया है कि अर्रा नई बस्ती निवासी ब्रजेंद्र सचान और उनके बेटे ने उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के बाद उसने मामले की जानकारी परिवार को दी थी, लेकिन उसे न्याय दिलाने के बजाय दबाव बनाकर समझौता करा दिया गया।
छात्रा का आरोप है कि परिवार के कुछ लोगों ने सामाजिक प्रतिष्ठा और अन्य कारणों का हवाला देकर उसे शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया।
राष्ट्रीय महिला आयोग पहुंचा मामला
जब छात्रा को न्याय नहीं मिला तो उसने अपनी शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग के आदेश के बाद हनुमंत विहार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे और मेडिकल व अन्य जरूरी साक्ष्यों को जुटाया जाएगा।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि पहले हुए कथित समझौते की परिस्थितियां क्या थीं और क्या पीड़िता पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था।
महिला सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़ितों को बिना किसी दबाव के शिकायत दर्ज कराने और न्याय पाने का अधिकार मिलना चाहिए।
महिला आयोग लगातार ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है, जहां पीड़ितों को स्थानीय स्तर पर न्याय मिलने में परेशानी होती है।
आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की सुरक्षा और सहायता का भी ध्यान रखा जा रहा है।
पीड़िता को न्याय दिलाने का प्रयास
राष्ट्रीय महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद मामला दोबारा जांच के दायरे में आया है। अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष जांच करते हुए पीड़िता के आरोपों की सच्चाई सामने लाई जाए।
फिलहाल हनुमंत विहार थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





