उत्तर प्रदेश

UP : योगी कैबिनेट की बैठक में 29 प्रस्तावों को मंजूरी

Kavita2
6 July 2026 2:44 PM IST
UP : योगी कैबिनेट की बैठक में 29 प्रस्तावों को मंजूरी
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उनके सरकारी आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में प्रशासनिक, विकास और नाम परिवर्तन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे प्रमुख निर्णयों में शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर ‘परशुराम पुरी’ किए जाने को मंजूरी दी गई, जिससे लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया को अंतिम स्वीकृति मिल गई है।

कैबिनेट के इस निर्णय के बाद जलालाबाद का आधिकारिक नाम अब ‘परशुराम पुरी’ किया जाएगा। यह क्षेत्र जलालाबाद नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आता है। सरकार का कहना है कि यह नाम परिवर्तन ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है, क्योंकि इस स्थान को भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है और यहां उनका एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है।

नाम परिवर्तन की यह प्रक्रिया कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि यह कई वर्षों से चल रही एक औपचारिक प्रक्रिया का परिणाम है। जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव की शुरुआत मार्च 2018 में हुई थी। उस समय शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद ने अपने बोर्ड की बैठक में इस नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद सितंबर 2023 में भी इस प्रस्ताव को दोबारा मंजूरी दी गई।

स्थानीय प्रशासन ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट (DM) की संस्तुति के साथ इसे राज्य सरकार को भेजा था। राज्य सरकार ने प्रस्ताव की समीक्षा के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेज दिया था। केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को 20 अगस्त 2025 को अपनी मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद यह मामला राज्य कैबिनेट के अंतिम अनुमोदन के लिए आया।

सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से हरी झंडी मिल गई, जिससे अब नाम परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। सरकार के अनुसार, इस निर्णय के बाद प्रशासनिक रिकॉर्ड, सरकारी दस्तावेजों और सभी आधिकारिक मानचित्रों में नए नाम का उपयोग किया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए कुल 29 प्रस्ताव विभिन्न विभागों से संबंधित हैं, जिनमें विकास परियोजनाएं, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े निर्णय शामिल हैं। हालांकि सबसे अधिक चर्चा जलालाबाद के नाम परिवर्तन को लेकर रही, क्योंकि यह निर्णय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नाम परिवर्तन की प्रक्रिया में सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं का पालन किया गया है। इसमें स्थानीय निकायों की सहमति, जिला प्रशासन की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की मंजूरी शामिल रही है। अब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया गया है।

शाहजहांपुर क्षेत्र में इस निर्णय को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग प्रशासनिक बदलाव और दस्तावेजों में संशोधन को लेकर व्यावहारिक चुनौतियों की ओर ध्यान दिला रहे हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि सभी बदलाव चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि नाम परिवर्तन जैसे फैसले केवल प्रतीकात्मक नहीं होते, बल्कि इनका सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव भी होता है। इससे न केवल क्षेत्र की पहचान बदलती है, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड, नक्शे और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में भी संशोधन आवश्यक हो जाता है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैबिनेट में लिए गए सभी 29 निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करना है।

कुल मिलाकर, इस कैबिनेट बैठक में लिया गया जलालाबाद का नाम बदलकर परशुराम पुरी करने का निर्णय ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर इस बदलाव को कितनी तेजी और सुचारू तरीके से लागू किया जाता है।

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