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UP : बहनों को बचाने के प्रयास में 13 वर्षीय भाई की डूबकर मौत

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: शादी समारोह के बाद राप्ती तट पर लोक परंपरा के दौरान गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें अपनी दो बहनों की जान बचाने के प्रयास में एक 13 वर्षीय बालक की डूबकर मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल फैल गया है।
यह घटना ग्राम मोहरा की है, जहां पड़ोसी के घर आयोजित शादी समारोह संपन्न होने के बाद परिवार की महिलाएं पारंपरिक ‘कक्कन छुड़ाने’ की लोक परंपरा को निभाने के लिए राप्ती नदी के तट पर पहुंची थीं। यह परंपरा शादी के बाद गांवों में एक पारंपरिक रीति-रिवाज के रूप में निभाई जाती है, जिसमें महिलाएं नदी या जलस्रोत के किनारे विशेष अनुष्ठान करती हैं।
शाम करीब सात बजे जब यह प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक विजय पासवान की दो बेटियां माया और रीता का पैर फिसल गया और वे नदी के गहरे पानी में चली गईं। दोनों बहनों को डूबता देख उनके छोटे भाई सोनू (13 वर्ष) ने बिना देर किए उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोनू ने बहनों को बचाने का भरसक प्रयास किया और किसी तरह दोनों को किनारे तक पहुंचाने में सफल भी रहा। लेकिन इस दौरान वह खुद गहरे पानी के तेज बहाव में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका।
घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और काफी प्रयासों के बाद सोनू को पानी से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल नजदीकी महेन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोनू बेहद साहसी और अपने परिवार के प्रति जिम्मेदार बच्चा था, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी बहनों को बचाने की कोशिश की।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस और प्रशासन को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, राप्ती नदी में इस स्थान पर पानी का बहाव तेज रहता है और गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिसके कारण पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से लोगों में नाराजगी भी देखी गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और ऐसे धार्मिक या पारंपरिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने बताया कि घटना पूरी तरह से दुर्घटनावश हुई है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर शादी की खुशियां थीं, वहीं दूसरी ओर एक मासूम की जान जाने से माहौल गमगीन हो गया है। ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना देते हुए इस कठिन समय में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है।





