उत्तर प्रदेश

Unnao: मासूम भाई-बहन की संदिग्ध हालात में मौत

Admindelhi1
17 Jun 2025 1:43 PM IST
Unnao: मासूम भाई-बहन की संदिग्ध हालात में मौत
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उन्नाव: जनपद के पुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिपुरापुर पोस्ट के रम्माखेड़ गांव में उस समय मातम छा गया जब एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। मृत बच्चों की उम्र ढाई वर्ष और छह माह बताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद माता-पिता एक-दूसरे पर बच्चों की हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और दोनों मासूमों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

छोटी सी दुकान, टूटा परिवार: घटना का केंद्र बना रम्माखेड़ गांव निवासी रोहित, जो अंडे की एक छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। रोहित की शादी नेहा से हुई थी और उनके दो बच्चे थे — बेटी, जिसकी उम्र लगभग ढाई साल थी, और बेटा ऋतिक, जिसकी उम्र छह माह बताई जा रही है। परिवार में पहले से ही आपसी कलह की बातें सामने आई थीं। रोहित के अनुसार, करीब दस दिन पहले एक घरेलू विवाद के बाद उसकी पत्नी नेहा अपने मायके चली गई थी। दोनों बच्चे रोहित के पास ही रह गए थे।

संदिग्ध मुलाकात और बच्चों की मौत: सोमवार सुबह नेहा ने रोहित से खेत पर मिलने की बात कही। रोहित बच्चों को साथ लेकर खेत में पहुंचा, जहां बातचीत के दौरान नेहा ने कुछ देर के लिए बच्चों को गोद में ले लिया। रोहित के अनुसार, तभी खेत में कुछ जानवर घुस आए, जिन्हें भगाने के लिए वह कुछ दूर चला गया। जब वह लौटा, तो नेहा ने बच्चों को वापस रोहित को थमा दिया और एक अजीब सी बात कही — “हमारा काम हो गया।”

रोहित के मुताबिक, इसके कुछ ही मिनटों बाद बेटे ऋतिक की हालत बिगड़ने लगी। बेटी की भी तबीयत अचानक खराब हो गई। घबराए परिजन दोनों बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से परिवार टूटकर बिखर गया है।

पत्नी पर गंभीर आरोप: रोहित ने साफ-साफ आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी नेहा ने ही दोनों मासूमों की हत्या की है। रोहित का कहना है कि पारिवारिक झगड़ों से परेशान होकर नेहा ने ये कदम उठाया है। उसने पुलिस को बताया कि जिस तरह से नेहा ने बच्चों को गोद में लिया और फिर अचानक बच्चों की हालत बिगड़ गई, उससे उसे अपनी पत्नी पर शक है।

वहीं दूसरी ओर, नेहा का पक्ष अभी तक पूरी तरह सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह भी पति रोहित पर ही बच्चों को मारने का आरोप लगा रही है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और घटना की हर पहलू से जांच कर रही है।

गांव में पसरा मातम, ग्रामीणों में आक्रोश

घटना की सूचना जैसे ही गांव में फैली, पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग यह सोचकर दहशत में थे कि कोई मां-बाप अपने ही बच्चों को नुकसान कैसे पहुंचा सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि रोहित और नेहा के बीच पहले भी कई बार झगड़े हुए थे, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि मामला इस हद तक बढ़ सकता है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि नेहा पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि रोहित की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से घर में कलह बढ़ रही थी।

पुलिस जुटी जांच में, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य एकत्र किए हैं। बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील मामला है और बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बयानबाजी करना उचित नहीं होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है और तकनीकी जांच के साथ-साथ मोबाइल कॉल डिटेल्स, खेत के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे (यदि कोई हो) की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

मां-बाप के रिश्ते में छिपा है राज?

इस हृदयविदारक घटना के बाद यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है कि क्या यह केवल पारिवारिक विवाद का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई गहरा षड्यंत्र छिपा हुआ है? क्या बच्चों की मौत के पीछे कोई और शख्स या कारण जिम्मेदार है? या फिर यह एक भावनात्मक प्रतिशोध की भयावह परिणति है?

विशेषज्ञों की राय

मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार पारिवारिक तनाव इतना बढ़ जाता है कि लोग मानसिक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्भाग्यवश अपने ही बच्चों को नुकसान पहुंचा देते हैं। वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार के बीच संवाद बनाए रखना और समय पर काउंसलिंग बहुत जरूरी है।

निष्कर्ष

उन्नाव की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि पारिवारिक कलह और भावनात्मक असंतुलन किस हद तक खतरनाक हो सकता है। दो मासूम जिंदगियों का यूं समय से पहले अंत दिल को झकझोर देने वाला है।

पुलिस जांच जारी है और पूरे जनपद की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आखिर बच्चों की मौत की असली वजह क्या थी — मां की ममता पर लगा कलंक, या फिर पिता की कोई अनकही साजिश?

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