उत्तर प्रदेश

Meerut कांड पर संयुक्त गुर्जर परिषद सख्त, पारदर्शी जांच की मांग

Ratna Netam
14 July 2026 4:09 PM IST
Meerut  कांड पर संयुक्त गुर्जर परिषद सख्त, पारदर्शी जांच की मांग
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Meerut मेरठ : ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर संयुक्त गुर्जर परिषद ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। परिषद ने प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि यह मामला सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर जनता के भरोसे की भी परीक्षा है। संगठन ने प्रशासन से अपील की कि घटना के वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमों में न फंसाया जाए।

संयुक्त गुर्जर परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक की गई कार्रवाई का संगठन सम्मान करता है, लेकिन पीड़ित परिवार की चिंताओं और आपत्तियों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।

परिषद ने उन लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की समीक्षा की मांग की, जिनकी घटना में भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। संगठन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई ठोस सबूतों और तथ्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कुछ लोगों की घटना के समय मौके पर मौजूदगी साबित नहीं होती और फोटो या वीडियो जैसे साक्ष्यों में भी उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है, तो उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है।

संगठन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और उसकी संलिप्तता के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया कि किसी भी दबाव में आकर जल्दबाजी में कोई निर्णय न लिया जाए।

वहीं, संयुक्त गुर्जर परिषद ने गंगानगर क्षेत्र में मिठाई कम देने के विवाद को लेकर हुई हिंसा की भी कड़ी आलोचना की। संगठन ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। कानून हाथ में लेने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

प्रेस वार्ता में संगठन ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे को भी उठाया। परिषद ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से गुर्जर समाज के लोगों को संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने का स्वागत किया। हालांकि, संगठन ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार में कैबिनेट स्तर पर समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग भी दोहराई।

इसके अलावा परिषद ने विभिन्न बोर्ड, आयोग और समितियों में गुर्जर समाज की भागीदारी बढ़ाने की मांग रखी। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की भागीदारी बढ़ने से विकास और जनहित के मुद्दों को मजबूती मिलेगी।

संयुक्त गुर्जर परिषद ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो नवंबर माह में प्रदेश स्तरीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में आगे की रणनीति तय की जाएगी और संगठन अपने अगले कदम की घोषणा करेगा।

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