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सावन में अनोखी भक्ति, मामा ने भांजी संग पूरी की कांवड़ यात्रा

एटा। सावन महीने में भगवान शिव की भक्ति में डूबे लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। इसी बीच एटा जिले के एक श्रद्धालु की अनोखी आस्था और रिश्ते की मिसाल सामने आई है। रविवार देर रात लहरा गंगा घाट पर एक मामा अपनी छोटी भांजी को साथ लेकर कांवड़ भरने पहुंचे, जिसे देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भावुक हो गए।
एटा जनपद के थाना मिरहची क्षेत्र के गांव सरनऊ पिथनपुर निवासी प्रेमशंकर कुशवाह ने अपनी छोटी भांजी सहजल को गंगा मैया का स्वरूप मानते हुए उसके साथ कांवड़ उठाई। प्रेम और श्रद्धा से भरी इस कांवड़ यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
लहरा गंगा घाट पर जब श्रद्धालुओं ने प्रेमशंकर को अपनी छोटी भांजी के साथ कांवड़ यात्रा करते देखा तो लोग उनकी भक्ति और भावना की प्रशंसा करने लगे। कई श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को आस्था और पारिवारिक प्रेम की अनोखी मिसाल बताया।
भांजी को माना भगवान का आशीर्वाद
प्रेमशंकर कुशवाह ने बताया कि उनकी चार भांजियां हैं और वह सभी से बेहद लगाव रखते हैं। उनका मानना है कि बेटियां और बच्चे घर में खुशियां लेकर आते हैं। बच्चों के आने से परिवार में प्रेम, सुख और समृद्धि बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि भांजी सहजल उनके लिए बेहद खास है। इसी भावना के चलते उन्होंने इस सावन में संकल्प लिया था कि वह अपनी भांजी को साथ लेकर गंगा जल भरेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
प्रेमशंकर ने बताया कि उनके लिए यह केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और रिश्ते को निभाने का एक भावनात्मक अवसर है।
लहरा गंगा घाट पर उमड़े श्रद्धालु
सावन महीने में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दूर से शिवभक्त गंगाजल लेने पहुंच रहे हैं और पैदल यात्रा कर अपने आराध्य भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।
लहरा गंगा घाट पर भी रविवार रात बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान प्रेमशंकर और सहजल की कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई।
श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन में ऐसी आस्था और प्रेम के दृश्य मन को भावुक कर देते हैं। लोगों ने मामा-भांजी के इस रिश्ते की सराहना की।
सावन में भक्ति का अनोखा रंग
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार अलग-अलग तरीके से भगवान शिव की पूजा करते हैं।
कोई लंबी दूरी तय कर कांवड़ यात्रा करता है तो कोई कठिन संकल्प लेकर भगवान शिव की भक्ति में जुट जाता है। प्रेमशंकर की यह यात्रा भी इसी आस्था का उदाहरण बनी।
उन्होंने अपनी भांजी को साथ लेकर यह संदेश दिया कि परिवार के रिश्ते भी भक्ति और श्रद्धा से जुड़े हो सकते हैं।
लोगों ने की मामा की भावना की सराहना
घाट पर मौजूद लोगों ने प्रेमशंकर की भावना की जमकर प्रशंसा की। श्रद्धालुओं का कहना था कि आज के समय में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं, वहीं मामा का अपनी भांजी के प्रति इतना प्रेम और सम्मान प्रेरणा देने वाला है।
लोगों ने कहा कि छोटी बच्ची को गंगा मैया का स्वरूप मानकर कांवड़ यात्रा करना उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
भगवान शिव के दरबार में चढ़ाएंगे जल
प्रेमशंकर ने बताया कि गंगा जल भरने के बाद वह अपनी भांजी के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। उनका उद्देश्य परिवार की सुख-समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना करना है।
उन्होंने कहा कि सावन में भगवान शिव की पूजा करने से मन को शांति मिलती है और परिवार पर भगवान का आशीर्वाद बना रहता है।
इस अनोखी कांवड़ यात्रा ने सावन की भक्ति में रिश्तों की मिठास भी जोड़ दी। मामा और भांजी की यह तस्वीर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रही।





