उत्तर प्रदेश

नोएडा में हुई 'गोदान' फिल्म की स्क्रीनिंग, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और भाजपा नेताओं ने की शिरकत

SHIDDHANT
29 Jan 2026 9:50 PM IST
नोएडा में हुई गोदान फिल्म की स्क्रीनिंग, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और भाजपा नेताओं ने की शिरकत
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Noida नोएडा: डीएलएफ मॉल में गुरुवार को आयोजित ‘गोदान’ फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग में केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन, भाजपा नेता संगीट सोम, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, उत्तर प्रदेश के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, और विधायक पंकज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर फिल्म के विषय और सामाजिक संदेश पर चर्चा भी हुई। फिल्म ‘गोदान’ हिंदी साहित्य के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कृति पर आधारित है। यह फिल्म भारतीय ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं, किसानों की समस्याओं और सामाजिक असमानताओं को दर्शाती है। फिल्म की स्क्रीनिंग का आयोजन स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से किया गया था, जिसमें साहित्यिक और राजनीतिक समुदाय के लोग शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने इस अवसर पर कहा कि ‘गोदान’ जैसी फिल्मों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों के मुद्दों और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संस्कृति और सिनेमा का संयोजन समाज को सही दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करता है। भाजपा नेता संगीट सोम ने फिल्म की कहानी और उसके सामाजिक सन्देश की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की कृतियां आज भी प्रासंगिक हैं और उनका साहित्य समाज की असमानताओं और ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों को उजागर करता है।
प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने फिल्म की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘गोदान’ ने साहित्य और सिनेमा के माध्यम से सामाजिक चेतना जगाई है। उन्होंने फिल्म में कलाकारों के अभिनय और कहानी को प्रभावशाली बताते हुए इसे समाज में बदलाव लाने वाला प्रयास करार दिया। उत्तर प्रदेश के मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक गतिविधियां राज्य और देश में साहित्य और सिनेमा के प्रति जनमानस में रुचि बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलकर ऐसी पहलें जारी रखनी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी भी साहित्यिक और सामाजिक संदेशों से जुड़ सके।
विधायक पंकज सिंह ने फिल्म के ग्रामीण जीवन और किसानों के संघर्ष को वास्तविक और प्रेरक बताया। उन्होंने कहा कि ‘गोदान’ जैसी फिल्में समाज के प्रति संवेदनशीलता पैदा करती हैं और नीति निर्माताओं और जनता दोनों के लिए संदेश देती हैं। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने फिल्म की कहानी, निर्देशन और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। आयोजन के दौरान कलाकारों और नेताओं ने दर्शकों से संवाद भी किया, जिससे फिल्म का सामाजिक संदेश और अधिक स्पष्ट हुआ। स्क्रीनिंग का यह आयोजन नोएडा में सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता के प्रति जनता की रुचि को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है। फिल्म देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि यह अनुभव साहित्य और सिनेमा के माध्यम से सामाजिक बदलाव की दिशा में प्रेरित करता है।
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