- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- यूजीसी ने शुरू की...
यूजीसी ने शुरू की मुहिम, हर विश्वविद्यालय से अधिकतम तीन प्रतिभाशाली छात्र बनेंगे

मेरठ न्यूज़: भारतीय शिक्षा तंत्र के महत्वपूर्ण बदलावों में शुमार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में विद्यार्थी अब ब्रांड एंबेसडर बनकर नए विद्यार्थियों को इस नीति को समझाएंगे. इसके लिए यूजीसी ने एनईपी सारथी मुहिम शुरू की है. देशभर में कुल तीन सौ विद्यार्थियों को एनईपी सारथी चुनते हुए इसके दायरे को और विस्तृत किया जाएगा.
छात्र-छात्राओं से मिले फीडबैक से एनईपी में सुधार होगा. सारथी का अर्थ है-स्टूडेंट एंबेसडर फॉर एकेडमिक रिफॉर्म्स इन ट्रांसफोर्मिंग हायर एजुकेशन इन इंडिया. एनईपी देशभर के अधिकांश विश्वविद्यालयों में लागू हो चुकी है, लेकिन अभी तक छात्र, शिक्षक एवं संस्थान तीनों में विभिन्न बिंदुओं पर भ्रम की स्थिति है.
ऐसे बनेंगे एनईपी सारथी:
● यूजीसी इसके लिए कुलपति, निदशेकों से नामांकन मांगेगी.
● प्रत्येक विवि अधिकतम तीन छात्रों को कर सकती है नामित.
● 300 एनईपी सारथी चुने जाएंगे देशभर के विश्वविद्यालय से.
● एनईपी सारथियों को यूजीसी देगी प्रशिक्षण.
● उच्च शिक्षा में विभिन्न कक्षाओं के छात्र होंगे अर्ह.
● शैक्षिक-गैर-शैक्षिक गतिविधियों में प्रतिभाशाली विद्यार्थी होंगे यह.
● चयनित एनईपी सारथी को हाइब्रिड मोड में ट्रेनिंग भी.
एनईपी सारथी का यह काम
● एंबेसडर के रूप में एनईपी-2020 का प्रचार करेंगे.
● एनईपी-2020 को लेकर जागरूकता लाएंगे.
● एनईपी-2020 की सूचनाओं को प्रसारित करेंगे.
● एनईपी-2020 की पहल को सोशल मीडिया पर प्रमोट करेंगे.
● छात्र-छात्राओं से एनईपी को लेकर फीडबैक लेंगे.
● विद्यार्थियों को गाइड करते हुए एनईपी के लाभ बताएंगे.
छात्रों को यह फायदा
● यूजीसी एनईपी सारथी को मान्यता देते हुए सर्टिफिकेट देगा.
● यूजीसी के सोशल मीडिया हैंडल पर एनईपी सारथी को पहचान मिलेगी.
● यूजीसी द्वारा होने वाले कार्यक्रम में सहभागिता.
● यूजीसी न्यूजलेटर में आर्टिकल प्रकाशित कराने का मौका.
चुनौती मूल्यांकन का परिणाम जारी
विवि ने विभिन्न विषयों में चुनौती मूल्यांकन का परिणाम जारी कर दिया है. छात्र विवि वेबसाइट से आज से अपने परिणाम देख सकते हैं. रिजल्ट में अधिकांश छात्रों के अंक नहीं बदले हैं.





