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मुरादगंज सिलिंडर विस्फोट में दो और घायलों की मौत, दिल्ली में इलाज के दौरान तोड़ा दम

मुरादगंज। कस्बे में मिठाई की दुकान के गोदाम के बेसमेंट में 13 सितंबर को हुए सिलिंडर विस्फोट में गंभीर रूप से घायल दो और लोगों की मौत हो गई है। 18 वर्षीय शिवम प्रजापति ने बुधवार देर शाम दिल्ली में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि विपिन की गुरुवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों की मौत की सूचना मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया और मुरादगंज कस्बे में भी शोक का माहौल बन गया।
यह हादसा 13 सितंबर की दोपहर करीब एक बजे मुरादगंज चौराहे के पास स्थित शिव शंभू स्वीट हाउस के गोदाम में हुआ था। दुकान का संचालन मनोज पोरवाल उर्फ छुन्ना द्वारा किया जाता है। गोदाम के बेसमेंट में कर्मचारी सामान निकालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान वहां रखे सिलिंडरों में से एक सिलिंडर अचानक तेज धमाके के साथ फट गया।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि बेसमेंट की छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। धमाके के कारण निर्माण सामग्री और मलबा करीब 50 फीट दूर तक जा गिरा। गोदाम की पहली मंजिल पर लगी टिनशेड भी धमाके के प्रभाव से उड़ गई। विस्फोट की तेज आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और कस्बे के लोग घबराकर मौके की ओर दौड़े।
हादसे के बाद गोदाम के आसपास अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से झुलसे और घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए बाद में दिल्ली रेफर किया गया था। इन्हीं घायलों में शिवम प्रजापति और विपिन भी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि शिवम की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार देर शाम उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। शिवम की उम्र महज 18 वर्ष थी। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
वहीं हादसे में घायल विपिन का भी दिल्ली में उपचार चल रहा था। गुरुवार सुबह उसकी भी मौत हो गई। कुछ ही घंटों के अंतराल में दो घायलों की मौत की खबर से हादसे की भयावहता एक बार फिर सामने आ गई।
सिलिंडर विस्फोट के समय बेसमेंट में कई कर्मचारी मौजूद थे। धमाके के बाद वहां धुआं, आग और मलबा फैल गया था। आसपास मौजूद लोगों के मुताबिक विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
स्थानीय दुकानदारों और कस्बावासियों ने राहत और बचाव में तत्काल मदद की। मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे।
विस्फोट में बेसमेंट की छत और पहली मंजिल की टिनशेड को नुकसान पहुंचने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि धमाका कितना शक्तिशाली था। गोदाम के अंदर रखा सामान भी बिखर गया था। आसपास की दुकानों और लोगों में भी कुछ समय तक दहशत का माहौल रहा।
हादसे के बाद यह सवाल भी उठे कि गोदाम के बेसमेंट में सिलिंडर किस तरह और कितनी संख्या में रखे गए थे। सिलिंडरों के रखरखाव में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस और प्रशासन इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि विस्फोट किस कारण हुआ और सिलिंडर में किसी तरह की तकनीकी खराबी थी या गैस रिसाव के कारण हादसा हुआ। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
शिवम और विपिन की मौत के बाद उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवारों ने कई दिनों तक उनके स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद बनाए रखी थी, लेकिन दिल्ली में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
मुरादगंज में इस हादसे ने लोगों को गहरा झटका दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस समय धमाका हुआ, बाजार क्षेत्र में सामान्य चहल-पहल थी। अचानक तेज आवाज और मलबा उड़ने से लोगों में भय फैल गया था। हादसे के बाद काफी देर तक क्षेत्र में अफरा-तफरी बनी रही।
घटना के बाद गोदाम और आसपास के हिस्से की सुरक्षा को लेकर भी जरूरी कदम उठाए गए। क्षतिग्रस्त हिस्सों में लोगों की आवाजाही सीमित की गई और मलबे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
सिलिंडर से जुड़े हादसों में सामान्य तौर पर गैस रिसाव, गलत भंडारण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे कारण सामने आते हैं। लेकिन मुरादगंज की इस घटना में वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए फिलहाल किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
इस हादसे ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा और गैस सिलिंडरों के सुरक्षित भंडारण की जरूरत को भी सामने रखा है। खासकर बेसमेंट जैसे बंद स्थानों में सिलिंडर रखे जाने की स्थिति में पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है।
शिवम प्रजापति और विपिन की मौत के बाद अब जांच का दायरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन अस्पताल से मेडिकल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
फिलहाल मुरादगंज कस्बे में शोक का माहौल है। 13 सितंबर को हुए इस विस्फोट की याद एक बार फिर ताजा हो गई है। हादसे में घायल दो युवकों की दिल्ली में मौत के बाद उनके परिवारों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी सदमे में हैं। पुलिस और प्रशासन अब विस्फोट के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।





