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कांवड़ लेने गए दो चचेरे भाई लापता, एक का शव मिला और दूसरा बेहोशी की हालत में बरामद

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के कोतवाली क्षेत्र के पावटी गांव से कांवड़ लेने गए दो चचेरे भाइयों के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इनमें से एक युवक का शव पोस्टमार्टम हाउस में मिला है, जबकि दूसरा युवक बेहोशी की हालत में बुढ़ाना क्षेत्र के पास एक मार्ग पर बरामद हुआ है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों युवकों के परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर दोनों युवकों के साथ क्या हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, पावटी गांव निवासी सत्येंद्र और राजीव कुमार आपस में चचेरे भाई थे। दोनों कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार गए थे। बताया गया कि दोनों युवक चार अगस्त को हरिद्वार से कांवड़ लेने के लिए रवाना हुए थे।
परिजनों के मुताबिक, यात्रा के दौरान दोनों की फोन पर समय-समय पर बातचीत होती रही। इससे परिवार को उनके सुरक्षित होने का भरोसा था। लेकिन सात अगस्त को अचानक दोनों युवकों से संपर्क टूट गया और वे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।
काफी समय तक संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में दोनों की खोज की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
तलाश के दौरान राजीव कुमार के बारे में ऐसी जानकारी मिली, जिसने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों को पता चला कि राजीव का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है।
वहीं, दूसरे युवक सत्येंद्र को बुढ़ाना के आसपास एक मार्ग पर बेहोशी की हालत में पाया गया। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद उसे बरामद किया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों युवकों के साथ हुई घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि राजीव की मौत किन परिस्थितियों में हुई और सत्येंद्र किस तरह बेहोशी की हालत में मिला।
परिजनों ने मामले में उचित जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों युवक कांवड़ यात्रा के लिए गए थे और परिवार से लगातार संपर्क में थे। अचानक इस तरह की घटना ने सभी को परेशान कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवक सामान्य तरीके से कांवड़ यात्रा के लिए गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि वे जल्द ही कांवड़ लेकर सुरक्षित घर लौट आएंगे, लेकिन घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।
पुलिस अब यात्रा मार्ग, घटनास्थल और युवकों की आखिरी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
राजीव के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं, सत्येंद्र का इलाज कराया जा रहा है और उसके होश में आने के बाद पुलिस उसका बयान दर्ज कर सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों युवकों के साथ वास्तव में क्या हुआ था।





