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हिम्मतपुर में अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

सिंभावली। थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर गांव में करीब दस महीने पहले दहशत फैलाने के मकसद से अंधाधुंध हवाई फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है। हालांकि आरोपियों के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।
थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी ने बताया कि इस मामले की शुरुआत आठ दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट से हुई थी। हिम्मतपुर गांव के रहने वाले मनीष मावी ने पुलिस को शिकायत दी थी कि छह दिसंबर 2025 की रात करीब पौने बारह बजे दो कारों में सवार कुछ अज्ञात युवक गांव में पहुंचे थे।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने गांव में पहुंचते ही कारों से स्टंट करना शुरू कर दिया था। इसके बाद वे पप्पू सेठ की दुकान से लेकर पूरन सिंह के मकान की ओर जाते हुए कई राउंड हवाई फायरिंग करते रहे। देर रात अचानक हुई फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई थी और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डरने लगे थे।
घटना के समय गांव में सन्नाटा था, लेकिन गोलियों की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग जाग गए। कई ग्रामीणों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे। आरोप था कि कार सवार युवक जानबूझकर तेज रफ्तार में वाहन चला रहे थे और स्टंट के साथ फायरिंग कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। घटना के संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उनकी पहचान के प्रयास शुरू किए गए। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और संभावित वाहनों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान कई सुराग हाथ लगे और धीरे-धीरे दो संदिग्धों की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की। लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचते रहे आरोपियों को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वह कार भी बरामद की है, जिसे घटना के समय इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि वाहन की पहचान जांच में अहम साबित हुई। अब कार की तकनीकी और दस्तावेजी जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय वाहन का इस्तेमाल किस तरह किया गया था।
हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी के समय उनके पास से कोई तमंचा, पिस्टल या अन्य हथियार बरामद नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां हैं और घटना के बाद उन्हें किसे सौंपा गया या कहां छिपाया गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में दोनों आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट में दो कारों में कई युवकों के आने की बात कही गई थी। ऐसे में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी जांच जारी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक के अनुसार, घटना का उद्देश्य गांव में दहशत फैलाना था। देर रात वाहनों से स्टंट और हवा में कई राउंड फायरिंग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह की हरकत से न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि किसी निर्दोष व्यक्ति की जान भी जा सकती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हवा में की गई फायरिंग भी जानलेवा हो सकती है। गोली ऊपर जाने के बाद वापस जमीन पर गिरती है और उसकी चपेट में आने वाला व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो सकता है। इसी कारण हवाई फायरिंग को लेकर पुलिस सख्त कार्रवाई करती है।
गांव के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली है। घटना के बाद से ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि खुलेआम फायरिंग करने वाले लोग लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर थे।
अब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास है कि घटना किस वजह से की गई थी और क्या किसी व्यक्ति को डराने या किसी पुराने विवाद के कारण फायरिंग की गई थी।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क और पिछले आपराधिक इतिहास की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता चल सकेगा कि दोनों पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं।
मामले में दूसरे वाहन की भी तलाश की जा रही है। क्योंकि शिकायत में दो कारों का उल्लेख था, ऐसे में पुलिस दूसरी कार की पहचान और उसके मालिक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इसके अलावा घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
हिम्मतपुर गांव की यह घटना करीब दस महीने पुरानी है, लेकिन पुलिस ने जांच जारी रखते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और अन्य आरोपियों की तलाश इस केस की अगली अहम कड़ी होगी।
फिलहाल बरामद कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस दहशत फैलाने वाली वारदात के पीछे असली मकसद क्या था और कितने लोग इसमें शामिल थे।





