उत्तर प्रदेश

यूपी भाजपा में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पद को लेकर घमासान

Kavita2
21 Oct 2026 9:18 AM IST
यूपी भाजपा में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पद को लेकर घमासान
x

बस्ती। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर संगठनात्मक पदों को लेकर विवाद सामने आया है। बस्ती जिले में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुई खींचतान अब थाने तक पहुंच गई है। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष नियुक्त होने के महज छह दिन बाद पद से हटाई गईं शैल त्रिपाठी ने अपने ही संगठन के लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया। इसके बाद उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि, कानूनी कार्रवाई के बाद भी शैल त्रिपाठी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने मामले को लखनऊ तक ले जाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखने की तैयारी शुरू कर दी है।

छह दिन में जिलाध्यक्ष पद से हटाए जाने पर बढ़ा विवाद

बस्ती जिले में भाजपा महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। शैल त्रिपाठी को महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन नियुक्ति के महज छह दिन बाद ही उन्हें पद से हटा दिया गया।

इतने कम समय में पद से हटाए जाने के बाद संगठन के भीतर असहमति सामने आई। शैल त्रिपाठी ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखनी शुरू कर दी।

उनकी नाराजगी केवल पद से हटाए जाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने संगठन के ही कुछ लोगों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। इसके बाद विवाद और गहरा गया।

सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा, मामला पहुंचा थाने

जिलाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद शैल त्रिपाठी ने सोशल मीडिया को अपनी बात रखने का माध्यम बनाया। उन्होंने अपने ही संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बयानबाजी के बाद उनके खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। संगठनात्मक स्तर पर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि मुकदमा किन धाराओं में दर्ज किया गया है और शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए हैं। ऐसे में मुकदमे से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित प्राथमिकी और पुलिस के आधिकारिक बयान के आधार पर ही हो सकेगी।

फिलहाल यह मामला भाजपा के जिला संगठन के भीतर चल रही खींचतान और उससे उत्पन्न कानूनी विवाद के रूप में सामने आया है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं शैल त्रिपाठी

अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भी शैल त्रिपाठी ने विवाद को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। वह इस पूरे मामले को प्रदेश स्तर तक पहुंचाने की तैयारी में हैं।

जानकारी के अनुसार, शैल त्रिपाठी लखनऊ जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रही हैं। इसके साथ ही वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने का प्रयास भी कर रही हैं।

उनकी कोशिश है कि जिलाध्यक्ष पद से हटाए जाने और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे।

हालांकि, मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात तय होने या इस संबंध में किसी आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में विवाद

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक मजबूती महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा भी जिला और मंडल स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने तथा कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर देती रही है।

ऐसे समय में बस्ती जिले में महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद को लेकर उत्पन्न विवाद संगठनात्मक स्तर पर चुनौती बन सकता है।

राजनीतिक दृष्टि से महिला मोर्चा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। महिला कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने, सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और चुनावी गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित करने में महिला मोर्चा सक्रिय भूमिका निभाता है।

इसलिए महिला मोर्चा के नेतृत्व को लेकर उत्पन्न विवाद का असर स्थानीय संगठन की गतिविधियों और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल पर पड़ सकता है।

जिलाध्यक्ष पद को लेकर क्यों बढ़ा टकराव?

बस्ती जिले में विवाद की शुरुआत शैल त्रिपाठी को महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बनाए जाने और महज छह दिन बाद पद से हटाए जाने से हुई।

किसी भी राजनीतिक संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्ति और बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। हालांकि, नियुक्ति के तुरंत बाद पद से हटाए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

शैल त्रिपाठी की नाराजगी भी इसी घटनाक्रम के बाद सार्वजनिक हुई। उन्होंने संगठन के भीतर अपनी बात रखने के साथ सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया देना शुरू किया।

हालांकि, उन्हें पद से हटाने के पीछे पार्टी नेतृत्व का आधिकारिक कारण क्या था, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पद से हटाए जाने के निर्णय को लेकर किसी विशेष वजह का दावा करना उचित नहीं होगा।

महिला मोर्चा की राजनीति में बढ़ी हलचल

भाजपा महिला मोर्चा पार्टी की महत्वपूर्ण संगठनात्मक इकाई है। इसके माध्यम से महिला कार्यकर्ताओं को राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिलता है।

जिला स्तर पर महिला मोर्चा की अध्यक्ष संगठन की गतिविधियों को संचालित करने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी निभाती हैं।

बस्ती में इसी पद को लेकर शुरू हुए विवाद ने संगठन के भीतर असहमति को सार्वजनिक कर दिया है। अब मामला केवल पद पर नियुक्ति और हटाए जाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर आरोपों और मुकदमे तक पहुंच गया है।

इस तरह की परिस्थितियों में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि विवाद का समाधान नहीं होने पर स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद और बढ़ सकते हैं।

लखनऊ में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की तैयारी

शैल त्रिपाठी ने मामले को लखनऊ तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। वह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने पूरे घटनाक्रम को रखने की कोशिश में हैं।

उनके इस कदम से संकेत मिलता है कि वह स्थानीय स्तर पर हुए फैसले को लेकर प्रदेश नेतृत्व से हस्तक्षेप की उम्मीद कर रही हैं।

यदि मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचता है, तो जिलाध्यक्ष पद से हटाए जाने की परिस्थितियों और उसके बाद हुए विवाद पर स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से किसी जांच या हस्तक्षेप की आधिकारिक घोषणा की जानकारी अभी नहीं है।

अब पार्टी नेतृत्व के रुख पर टिकी नजर

बस्ती जिले में भाजपा महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में है। छह दिन के भीतर पद से हटाई गईं शैल त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व इस विवाद को किस तरह लेता है और शैल त्रिपाठी की शिकायत पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

फिलहाल शैल त्रिपाठी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी बात रखने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए इस संगठनात्मक विवाद ने बस्ती जिले की भाजपा राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

Next Story