उत्तर प्रदेश

चुनाव से पहले BJP में घमासान देवरिया की घटना ने बढ़ाई सियासी हलचल

Ratna Netam
25 Aug 2026 2:35 PM IST
चुनाव से पहले BJP में घमासान देवरिया की घटना ने बढ़ाई सियासी हलचल
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देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल ही में कानपुर में भी भाजपा से जुड़े लोगों के बीच विवाद और मारपीट का मामला चर्चा में रहा था। देवरिया की घटना ने एक बार फिर राजनीतिक दलों के अंदरूनी विवाद को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैठक के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, देवरिया में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत और बहस हुई, लेकिन धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई और लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया।
घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें कुछ लोग हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रही है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अगर किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है तो उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
पार्टी के अंदर विवाद पर उठे सवाल
भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस झड़प के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं भाजपा की ओर से स्थानीय स्तर पर विवाद को आंतरिक मामला बताया जा रहा है।
राजनीतिक दलों में कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर मारपीट और हिंसा की घटनाएं पार्टी की छवि को प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि ऐसी घटनाओं के बाद संगठन स्तर पर भी सक्रियता बढ़ जाती है।
कानपुर की घटना के बाद देवरिया मामला
हाल के दिनों में कानपुर में भी भाजपा से जुड़े लोगों के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद अब देवरिया में ऐसी ही घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन और आपसी तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संगठन के सामने भी चुनौती है कि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी और विवादों को कैसे नियंत्रित किया जाए।
स्थानीय लोगों में चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों को सार्वजनिक रूप से इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। इससे आम जनता में गलत संदेश जाता है और क्षेत्र का माहौल प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद की असली वजह क्या थी और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
देवरिया की इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच आपसी विवाद और अनुशासन के मुद्दे को सामने ला दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और संगठन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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