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मेरठ में कांवड़ियों से भरी पिकअप को ट्रक ने मारी टक्कर, एक की मौत; पांच घायल

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में शनिवार रात हरिद्वार से एटा लौट रहे कांवड़ियों से भरी एक पिकअप गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में एक कांवड़िये की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, हादसा मेरठ में उस समय हुआ जब सेनाकला गांव के करीब 20 लोगों का एक समूह हरिद्वार से कांवड़ लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। श्रद्धालु एक पिकअप वाहन में सवार थे। इसी दौरान रास्ते में एक ट्रक ने पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन में सवार कई लोग घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों ने सभी घायलों की जांच कर उपचार शुरू किया। हादसे में एक कांवड़िये की मौत हो गई।
सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) एलमारन जी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सेनाकला गांव के करीब 20 लोगों का समूह कांवड़ लेकर हरिद्वार से लौट रहा था। इसी दौरान पिकअप वाहन को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, घायलों में से एक को आगे के इलाज के लिए एटा लाया गया है। बाकी घायलों का उपचार मेरठ के मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हादसे की खबर मिलते ही कांवड़ियों के परिवारों में चिंता फैल गई। परिजन अस्पताल पहुंचे और अपने-अपने रिश्तेदारों की स्थिति की जानकारी ली। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में पुलिस की मदद की।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और उत्तराखंड के अन्य धार्मिक स्थलों से अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौटते हैं। इस दौरान सड़कों पर कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।
शनिवार रात हुए इस हादसे ने एक बार फिर कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिकअप वाहन में करीब 20 लोगों का समूह सवार था। पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि टक्कर किस परिस्थितियों में हुई।
पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई है। ट्रक और पिकअप वाहन की स्थिति की भी जांच की जा रही है। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहन किस दिशा में जा रहा था और टक्कर किस वजह से हुई।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसा रात के समय हुआ, जब कांवड़ियों का समूह हरिद्वार से लौट रहा था। रात में वाहनों की आवाजाही के बीच दुर्घटना होने से राहत और बचाव कार्य में भी चुनौती आई। हालांकि, पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले कांवड़िये के शव को पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस दुर्घटना के बाद प्रशासन के सामने कांवड़ यात्रा से जुड़े मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत भी सामने आई है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और वाहनों से यात्रा करते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही, तेज गति और रात के समय यात्रा को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना में शामिल वाहनों के दस्तावेजों और अन्य आवश्यक पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
घटना में घायल हुए पांचों कांवड़ियों के परिवारों को भी पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से आवश्यक जानकारी दी जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों के इस समूह के साथ हुआ हादसा परिवार और स्थानीय लोगों के लिए बेहद दुखद है। धार्मिक यात्रा पूरी कर घर लौट रहे श्रद्धालुओं के समूह में से एक व्यक्ति की मौत और पांच लोगों के घायल होने से इलाके में शोक का माहौल है।
फिलहाल पुलिस हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। ट्रक की टक्कर से हुई इस दुर्घटना में एक कांवड़िये की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल होकर अस्पताल पहुंच गए। प्रशासन के लिए अब घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की जांच करना महत्वपूर्ण है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।





