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देवरिया में आसान होगा सफर, कसया ढाले पर बनेगा ओवरब्रिज

देवरिया। शहर के सबसे व्यस्त कसया रेलवे ढाले पर प्रस्तावित रेलवे उपरिगामी सेतु (आरओबी) निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद रेलवे ने आरओबी की ड्राइंग को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारियां तेज हो गई हैं। उम्मीद है कि अगस्त के पहले सप्ताह से मौके पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
कसया ढाले पर आरओबी निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी, क्योंकि यहां रेलवे फाटक बंद होने के कारण रोजाना लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। देवरिया-भीखमपुर मार्ग पर स्थित यह रेलवे समपार शहर के सबसे व्यस्त स्थानों में शामिल है। रेलवे मालगोदाम होने के कारण यहां दिनभर ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही रहती है, जिससे फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
उत्तर प्रदेश शासन ने फरवरी 2026 में इस परियोजना के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। इस आरओबी के निर्माण की कुल लागत 72 करोड़ 3 लाख 28 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसमें रेलवे का हिस्सा 35 करोड़ 85 लाख 54 हजार रुपये और उत्तर प्रदेश सेतु निगम का हिस्सा 36 करोड़ 17 लाख 74 हजार रुपये रहेगा।
प्रस्तावित आरओबी की कुल लंबाई 613.89 मीटर होगी। इसमें 95.50 मीटर हिस्सा रेलवे क्षेत्र में आएगा। यह टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज होगा, जिससे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही आसान हो सकेगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए सर्विस लेन का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि आसपास के लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
परियोजना के तहत रेलवे अपने हिस्से में चार पायों का निर्माण करेगा, जबकि उत्तर प्रदेश सेतु निगम की ओर से 17 पायों का निर्माण कराया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे ने इस परियोजना को वर्ष 2026-27 की पिंक बुक में शामिल कर मंजूरी दी है।
बताया जा रहा है कि आरओबी की ड्राइंग को लेकर रेलवे प्रशासन ने कुछ तकनीकी आपत्तियां जताई थीं। इसके बाद रेलवे और सेतु निगम के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया और जरूरी संशोधन के बाद अंतिम ड्राइंग तैयार की गई। अब रेलवे की ओर से इस ड्राइंग को स्वीकृति मिल गई है।
निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सेतु निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। निर्माण स्थल पर मशीनें पहुंच चुकी हैं और सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्री रखने के लिए गोदाम तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अगस्त के पहले सप्ताह से आरओबी निर्माण का काम जमीन पर दिखाई देने लगेगा।
आरओबी बनने के बाद कसया ढाले पर लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर स्कूली छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को रोजाना फाटक बंद होने के कारण होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा देवरिया-भीखमपुर मार्ग पर यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी और सफर अधिक सुरक्षित व सुगम हो जाएगा।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी अहम रही है। सांसद शशांक मणि ने वर्ष 2024 में आरओबी निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजकर मांग उठाई थी। वहीं सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी की पहल से परियोजना से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया गया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि आरओबी निर्माण पूरा होने के बाद कसया ढाला क्षेत्र में वर्षों पुरानी जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





