- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- आगरा में दर्दनाक घटना,...
आगरा में दर्दनाक घटना, आंख की दिक्कत से परेशान था कर्मचारी

आगरा। आगरा एयरफोर्स स्टेशन में तैनात 27 वर्षीय कर्मचारी आकाश चाहर ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से आंख की बीमारी को लेकर परेशान थे और इसी वजह से मानसिक तनाव में चल रहे थे। हालत बिगड़ने के बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद एयरफोर्स स्टेशन में शोक का माहौल है।
मृतक आकाश चाहर राजस्थान के भरतपुर जिले के अनरुद्धनगर के रहने वाले थे। वह आगरा एयरफोर्स स्टेशन में कर्मचारी के पद पर तैनात थे। परिवार के अनुसार, आकाश की आंखों में कुछ समय पहले परेशानी शुरू हुई थी और करीब दो महीने से उनका इलाज चल रहा था। बीमारी के कारण वह काफी तनाव में रहने लगे थे।
परिजनों ने बताया कि आकाश गुरुवार को छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर वापस लौटे थे। दिनभर ड्यूटी करने के बाद वह शाम को अपने क्वार्टर पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ देर बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। घटना की जानकारी मिलने पर साथी कर्मचारी तुरंत उनके पास पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। इलाज के दौरान आकाश ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आगरा पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
आकाश के पिता अजीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता बेटा था। आंखों की बीमारी को लेकर वह काफी चिंतित रहता था। लंबे समय से इलाज चलने के बावजूद परेशानी कम नहीं हो रही थी, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था। परिवार ने बताया कि आकाश के जाने से पूरा परिवार सदमे में है।
आकाश अपने पीछे पत्नी और 11 माह की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं। छोटी बच्ची के सिर से पिता का साया उठने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटाई है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि शुरुआती जानकारी में आंख की बीमारी के कारण मानसिक तनाव को वजह बताया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एयरफोर्स स्टेशन में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों ने आकाश के निधन पर दुख जताया है। साथियों ने बताया कि आकाश शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और अपने काम के प्रति जिम्मेदार रहते थे।
यह घटना एक बार फिर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बढ़ते मानसिक दबाव की ओर ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाली बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को परिवार और आसपास के लोगों के भावनात्मक सहयोग की जरूरत होती है।
फिलहाल परिवार अपने बेटे को खोने के गम में डूबा हुआ है और पूरे मामले की जांच जारी है। आकाश की असमय मौत से उनके गांव और एयरफोर्स स्टेशन दोनों जगह शोक की लहर है।





