उत्तर प्रदेश

देश की सेवा करने वाले जवान अमन सोलंकी की दर्दनाक मौत

Ratna Netam
11 Aug 2026 9:12 PM IST
देश की सेवा करने वाले जवान अमन सोलंकी की दर्दनाक मौत
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अंतिम विदाई में गूंजे नारे
बुलंदशहर : खुर्जा क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी भारतीय सेना के जवान और राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी अमन सोलंकी उर्फ अमन फौजी की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। महज 23 वर्ष की उम्र में देश की सेवा कर रहे अमन की असमय मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जब जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग उमड़ पड़े। देशभक्ति के नारों के बीच हजारों नम आंखों ने अमन को अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार अमन सोलंकी हरिद्वार से गंगाजल लेकर बाइक से अपने पैतृक गांव सुल्तानपुर लौट रहे थे। इसी दौरान बिजनौर जिले के नजीबाबाद क्षेत्र में मंडावली थाना क्षेत्र स्थित मोटा महादेव मंदिर बाईपास के पास उनकी बाइक की डीजे लगे एक वाहन से टक्कर हो गई। बताया गया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अमन सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की गई।
इस हादसे में अमन के साथी हृदेश तोमर भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद लोगों ने घायल हृदेश को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत को लेकर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया गया। वहीं, अमन की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार और गांव तक पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जवान की मौत की सूचना से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।
अमन सोलंकी भारतीय सेना की 15 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में बताई गई थी। सेना में सेवा के साथ अमन ने खेल के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी। वह राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी थे और कबड्डी के प्रति उनका विशेष लगाव था। सेना की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने खेल के मैदान पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
परिवार और ग्रामीणों के अनुसार अमन ने कम उम्र में ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प पूरा किया था। उनकी मेहनत और प्रतिभा के कारण परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी उन पर गर्व करते थे। देश की सुरक्षा में योगदान देने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी खेलना उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता था। ऐसे में महज 23 वर्ष की उम्र में उनकी मौत ने परिवार और परिचितों को गहरा सदमा दिया है।
अमन सोलंकी का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव सुल्तानपुर पहुंचा तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने जवान को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने अमन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अंतिम विदाई के दौरान गांव का माहौल देशभक्ति से भर गया। लोगों ने अमन फौजी अमर रहें और जब तक सूरज चांद रहेगा, अमन तेरा नाम रहेगा जैसे नारों के साथ जवान को श्रद्धांजलि दी। अमन की देशसेवा और खेल प्रतिभा को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही अपने गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया था।
अमन सोलंकी की असमय मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर परिवार ने अपना बेटा खो दिया, वहीं क्षेत्र ने देश की सेवा करने वाले एक युवा जवान और प्रतिभाशाली कबड्डी खिलाड़ी को खो दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अमन की देशसेवा, खेल प्रतिभा और मिलनसार स्वभाव की यादें हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी। उनकी मौत ने पूरे खुर्जा क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।
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