उत्तर प्रदेश

दर्दनाक संयोग पहले पति, अब पत्नी की हादसे में मौत

Ratna Netam
23 July 2026 2:42 PM IST
दर्दनाक संयोग  पहले पति, अब पत्नी की हादसे में मौत
x

हरदोई : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कोतवाली देहात क्षेत्र के खेतुई गांव की रहने वाली महिला नेहा सिंह की दो बसों के बीच दबकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि करीब दस साल पहले इसी तरह के एक हादसे में उनके पति सर्वेश सिंह की भी जान चली गई थी। पति की मौत के बाद संघर्ष कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही नेहा की इस तरह मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, नेहा सिंह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए एक निजी दवा कंपनी में काम करती थीं। पति की मौत के बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में नौकरी शुरू की और अपनी 15 वर्षीय बेटी रिया सिंह तथा 11 वर्षीय बेटे विवेक की जिम्मेदारी संभाली। बुधवार दोपहर वह घर का काम पूरा करने के बाद रोज की तरह अपनी ड्यूटी के लिए निकली थीं।

बताया गया कि नेहा को बांगरमऊ जाने के लिए रोडवेज बस पकड़नी थी। इसके लिए वह रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची थीं। वह एक बस के पास खड़ी होकर दूसरी बस का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक दूसरी बस वहां पहुंची और चालक ने बस को निकालने की कोशिश की। आरोप है कि चालक ने लापरवाही बरतते हुए बस को इस तरह मोड़ा कि वहां खड़ी नेहा दोनों बसों के बीच आ गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक दूसरी बस से दूरी का अंदाजा लगाने में व्यस्त था और उसने नीचे खड़ी महिला को नहीं देखा। इससे पहले कि नेहा वहां से हट पातीं, वह दोनों बसों के बीच फंस गईं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। दोनों बसों के बीच दबने से नेहा की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद रोडवेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। घटना के बाद दोनों बसों के चालक मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

कोतवाली प्रभारी संजय त्यागी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस ने दोनों बसों की पहचान कर ली है। प्रारंभिक जांच में दोनों बस चालकों की लापरवाही सामने आई है। पुलिस अब परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

इस हादसे ने परिवार के पुराने जख्म भी फिर से ताजा कर दिए हैं। नेहा के देवर वीरेश सिंह ने बताया कि करीब दस साल पहले उनके भाई सर्वेश सिंह की भी इसी तरह दर्दनाक मौत हुई थी। उस समय वह डीसीएम और ट्रक के बीच फंस गए थे। पति की मौत के बाद नेहा ने हिम्मत नहीं हारी और बच्चों की परवरिश के लिए संघर्ष करती रहीं।

परिवार को उम्मीद थी कि समय के साथ मुश्किलें कम होंगी और बच्चे बड़े होकर परिवार का सहारा बनेंगे, लेकिन इस हादसे ने दोनों बच्चों से उनकी मां का भी साथ छीन लिया। मां की मौत की खबर सुनकर दोनों बच्चे बेसुध हो गए। गांव और मोहल्ले के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बस अड्डों पर वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी उजाड़ सकती है। नेहा की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषी चालकों पर कार्रवाई की तैयारी में है।

Next Story