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उत्तर प्रदेश
फूल तोड़ते समय दर्दनाक हादसा, 23वीं मंजिल से गिरे पिता-पुत्र, दोनों की मौत
Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 12:36 PM IST

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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। बिसरख थाना क्षेत्र स्थित महागुन मायवुड्स सोसायटी में 23वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर पिता और उनके 11 वर्षीय बेटे की मौत हो गई। दोनों सुबह पूजा के लिए फूल तोड़ रहे थे। इसी दौरान बच्चे का पैर फिसल गया और वह बालकनी से नीचे की ओर लटक गया। बेटे को बचाने के प्रयास में पिता भी अपना संतुलन खो बैठे और दोनों ऊंचाई से नीचे गिर गए। हादसे के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
23वीं मंजिल पर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच हुई। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी के टावर-23 में रहने वाले 40 वर्षीय रणदीप पात्रा अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके 11 वर्षीय बेटे का नाम आरव पात्रा था।
शुक्रवार सुबह दोनों अपने फ्लैट की बालकनी में पूजा के लिए फूल तोड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फूल तोड़ने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान आरव का पैर फिसल गया और वह बालकनी से नीचे की ओर लटक गया। बेटे को गिरता देखकर रणदीप ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी अपना संतुलन नहीं संभाल सके। देखते ही देखते पिता और पुत्र दोनों 23वीं मंजिल से नीचे गिर गए।इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही सोसायटी में हड़कंप मच गया।
खाटू श्याम मंदिर जाने की थी तैयारी
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, रणदीप पात्रा का परिवार शुक्रवार सुबह राजस्थान स्थित खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाला था। परिवार के सदस्य सुबह जल्दी उठकर यात्रा की तैयारियां कर रहे थे।
मंदिर जाने से पहले पूजा-अर्चना के लिए फूलों की आवश्यकता थी। इसी वजह से रणदीप अपने बेटे आरव के साथ बालकनी में लगे पौधों से फूल तोड़ने गए थे।मृतक रणदीप की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति और बेटा पूजा के लिए फूल तोड़ रहे थे। इसी दौरान सीढ़ी से फिसलने के कारण दोनों नीचे गिर गए।जिस परिवार में सुबह धार्मिक यात्रा को लेकर तैयारियां चल रही थीं, वहां कुछ ही पलों में दुखद हादसा हो गया। पिता और बेटे की एक साथ मौत से परिवार के सदस्यों को गहरा सदमा पहुंचा है।
बेटे को बचाने के प्रयास में पिता ने भी गंवाई जान
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि रणदीप अपने बेटे को बचाने की कोशिश करते समय हादसे का शिकार हो गए।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब आरव फूल तोड़ने के दौरान फिसला तो वह बालकनी के किनारे से नीचे लटक गया। बेटे को इस हालत में देखकर पिता तुरंत उसकी ओर बढ़े और उसे पकड़कर सुरक्षित ऊपर लाने का प्रयास किया।हालांकि, इस दौरान रणदीप का भी संतुलन बिगड़ गया और दोनों नीचे गिर पड़े। पुलिस अब हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए जानकारी जुटा रही है।बताया जा रहा है कि बारिश के कारण बालकनी में फिसलन भी थी। हालांकि, यह हादसे की निर्णायक वजह थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना पुलिस रिस्पांस व्हीकल यानी पीआरवी के माध्यम से बिसरख थाना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल सोसायटी पहुंची।मौके पर रणदीप और उनका बेटा आरव गंभीर हालत में मिले। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिसरख थाना पुलिस के अनुसार, अब तक सामने आई जानकारी में घटना एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है। शुरुआती जांच में किसी संदिग्ध परिस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पुलिस मामले से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
सोसायटी में पसरा मातम
पिता और बेटे की एक साथ मौत की जानकारी मिलने के बाद महागुन मायवुड्स सोसायटी में शोक का माहौल बन गया। घटना से स्थानीय निवासी भी स्तब्ध हैं।रिहायशी इमारत की 23वीं मंजिल से दो लोगों के गिरने की घटना ने ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों के लिए बालकनी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषकर छोटे बच्चों के साथ ऊंची मंजिलों पर रहने वाले परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बालकनी में फूल तोड़ने, पौधों की देखभाल करने या ऊंचाई पर रखी वस्तुएं निकालने के दौरान थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
ऊंची इमारतों में बालकनी की सुरक्षा जरूरी
इस हादसे के बाद बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा संबंधी सावधानियों का महत्व एक बार फिर सामने आया है।विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, ऊंची मंजिलों की बालकनी में बच्चों को बिना निगरानी नहीं जाने देना चाहिए। बालकनी की रेलिंग पर चढ़ने या उसके पास सीढ़ी लगाने से बचना चाहिए।
इसके अलावा, फिसलन वाली सतह पर खड़े होकर ऊंचाई पर रखी वस्तुओं तक पहुंचने की कोशिश करना भी खतरनाक हो सकता है। बालकनी की रेलिंग, दरवाजों और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच करना जरूरी है।गमलों और फूलों के पौधों को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां उन्हें सुरक्षित तरीके से संभाला जा सके। बच्चों की पहुंच से जोखिम वाले स्थानों को दूर रखना भी महत्वपूर्ण है।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने मृतकों के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के साथ ही हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।इस घटना ने एक परिवार से पिता और बेटे को हमेशा के लिए छीन लिया। सुबह पूजा और मंदिर दर्शन की तैयारियों के बीच हुई इस दुर्घटना से पूरे इलाके में शोक है।पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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