उत्तर प्रदेश

Chandauli में दर्दनाक हादसा गुंबद ढहने से मजदूर की मौत, लापरवाही की जांच

Ratna Netam
11 July 2026 6:56 PM IST
Chandauli  में दर्दनाक हादसा गुंबद ढहने से मजदूर की मौत, लापरवाही की जांच
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Chandauli चंदौली : उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में जीटी रोड चौड़ीकरण अभियान के दौरान शुक्रवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। मुगलसराय बाजार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित पुराने काली मंदिर को हटाने की कार्रवाई के दौरान मंदिर का भारी-भरकम गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में निर्माण कार्य में लगे एक मजदूर की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, मुगलसराय बाजार क्षेत्र में इन दिनों जीटी रोड चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इसी अभियान के तहत रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के पास स्थित पुराने काली मंदिर को हटाया जा रहा था। जिला प्रशासन की अनुमति के बाद मंदिर में स्थापित मूर्तियों को पहले ही सुभाष पार्क परिसर में बनाए गए नए मंदिर में विधि-विधान के साथ स्थापित कराया जा चुका था।

शुक्रवार देर रात लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और निर्माण एजेंसी की टीम मंदिर हटाने के काम में जुटी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इसी दौरान जेसीबी मशीन का अगला हिस्सा मंदिर के गुंबद से टकरा गया। टक्कर लगते ही गुंबद अचानक कमजोर होकर गिर पड़ा। उस समय मौके पर मौजूद दो लोग भारी मलबे की चपेट में आ गए।

हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों और मजदूरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे दोनों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बहादुरपुर, मुगलसराय निवासी निर्माण एजेंसी के संविदा कर्मी मजदूर बलदेव यादव (59) को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मुगलसराय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई। नगर के एसडीएम राजीव सक्सेना ने मजदूर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि मंदिर हटाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

प्रशासन का कहना है कि जीटी रोड चौड़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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