उत्तर प्रदेश

यूपी के स्कूल में दर्दनाक हादसा मासूम की मौत

Ratna Netam
15 Aug 2026 4:50 PM IST
यूपी के स्कूल में दर्दनाक हादसा मासूम की मौत
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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। मदाला फतेहपुर गांव स्थित अल हसनैन पब्लिक स्कूल के मुख्य गेट पर बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद स्कूल परिसर में चीख पुकार मच गई और स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मातम में बदल गईं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों के साथ आसपास के घरों के बच्चे भी पहुंचे थे। ध्वजारोहण के बाद बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे थे और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देख रहे थे।
इसी दौरान कुछ बच्चे स्कूल के मुख्य गेट पर बने छज्जे के ऊपर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि बच्चों के भार के कारण पुराना छज्जा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि नीचे और आसपास मौजूद बच्चों को बचने का मौका नहीं मिला। छज्जा गिरते ही तीन बच्चे उसके मलबे में दब गए।
हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा तफरी फैल गई। शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय लोग तत्काल घटनास्थल की तरफ दौड़े। मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों बच्चों को मलबे से निकालकर उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद आठ वर्षीय निजाम को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में दस वर्षीय शैफली और 11 वर्षीय सैफ घायल हुए हैं। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों द्वारा घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम देखने पहुंचे बच्चे की इस तरह मौत होने से गांव में भी शोक का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्कूल परिसर को सुरक्षित कराया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद लोगों, स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों से प्रारंभिक जानकारी ली। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और छज्जा कितना पुराना अथवा कमजोर था, इसकी जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने हादसे के संबंध में स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से जानकारी ली। घायल बच्चों को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराने तथा घटना के सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं और बच्चों को छज्जे पर चढ़ने से क्यों नहीं रोका गया।
हादसे ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और जर्जर निर्माण की समय पर जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूलों में आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और बाहर से आने वाले बच्चों की निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती जरूरी मानी जाती है। इसके साथ ही गेट, छज्जे, दीवार, छत और अन्य संरचनाओं की मजबूती की जांच भी कार्यक्रम से पहले की जानी चाहिए।
उधर, पीलीभीत जिले की ग्राम पंचायत दौलतपुर ता. चांदपुर में शुक्रवार को निर्माणाधीन सीएससी सेंटर सह पंचायत भवन का लिंटर डालते समय गिर गया। बताया गया है कि निर्माण कार्य करीब आधा पूरा हुआ था, तभी शटरिंग सहित पूरा ढांचा नीचे आ गिरा। इस दौरान दो से तीन श्रमिकों को मामूली चोट लगने की सूचना है।
लिंटर गिरने के कारण नवनिर्मित दीवारों में भी दरारें आ गईं और भवन के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने निर्माण में कथित रूप से घटिया ईंट, कम सीमेंट वाले मसाले और मानकों की अनदेखी कर सरिया इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की अभी आधिकारिक जांच होनी बाकी है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तीन सदस्यीय समिति गठित कर मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच, जांच पूरी होने तक काम रोकने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कार्यदायी संस्था, ठेकेदार या ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संभल और पीलीभीत में सामने आई दोनों घटनाओं ने सार्वजनिक तथा शैक्षणिक भवनों की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच की जरूरत को फिर रेखांकित किया है। संभल पुलिस और जिला प्रशासन स्कूल हादसे की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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