उत्तर प्रदेश

घर के अंदर दर्दनाक हादसा, पानी की बाल्टी में डूबने से मासूम की गई जान

Ratna Netam
29 July 2026 3:45 PM IST
घर के अंदर दर्दनाक हादसा, पानी की बाल्टी में डूबने से मासूम की गई जान
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उत्तर प्रदेश : राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पीजीआई थाना क्षेत्र की सतगुरुपुरम कॉलोनी में बुधवार सुबह महज कुछ ही मिनटों की लापरवाही एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गई। घर में तख्त के नीचे रखी पानी से भरी बाल्टी में गिरने से छह माह के मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मां उसे बचाने के लिए एक के बाद एक चार निजी अस्पतालों में लेकर पहुंची, लेकिन सभी जगह चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पहली संतान को खोने के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, मूल रूप से गोंसाईगंज-सुलतानपुर रोड क्षेत्र के रहने वाले कुलदीप अपनी पत्नी शिवानी के साथ पिछले करीब डेढ़ वर्ष से पीजीआई क्षेत्र की सतगुरुपुरम कॉलोनी स्थित चरन भट्ठा रोड पर किराये के मकान में रहकर मजदूरी करते हैं। दोनों की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी और छह माह का बेटा शिवांश उनकी पहली संतान था। परिवार आर्थिक रूप से साधारण होने के बावजूद अपने बेटे के भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए था।

बताया गया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कुलदीप रोज की तरह काम पर निकल गए। उनके जाने के बाद शिवानी घर के कामकाज में व्यस्त हो गईं। इसी दौरान मासूम शिवांश तख्त पर लेटा हुआ था। आशंका है कि खेलते-खेलते या करवट बदलते समय वह किसी तरह नीचे गिर गया और तख्त के नीचे रखी पानी से भरी बाल्टी में जा गिरा। चूंकि बाल्टी में पर्याप्त पानी भरा हुआ था, इसलिए वह उसमें डूब गया।

कुछ देर बाद जब मां ने बच्चे की ओर ध्यान दिया तो वह तख्त पर दिखाई नहीं दिया। घबराकर उन्होंने पूरे कमरे में तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जब उनकी नजर बाल्टी पर पड़ी तो उसमें मासूम को देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और मदद के लिए शोर मचाया।

शोर सुनकर मकान मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों की सहायता से मासूम को तत्काल पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इस बीच सूचना मिलते ही पिता कुलदीप भी काम छोड़कर अस्पताल पहुंच गए। बेटे की जान बचाने की उम्मीद में दंपति उसे एक के बाद एक चार निजी अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन सभी जगह डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल में बेटे की मौत की पुष्टि होते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां शिवानी बार-बार अपने बेटे को सीने से लगाकर रोती रहीं और कई बार बेसुध हो गईं। पिता कुलदीप भी गहरे सदमे में दिखाई दिए। अस्पताल में मौजूद लोग और आसपास के निवासी भी इस हृदयविदारक घटना को देखकर भावुक हो गए।

बाद में परिजन मासूम के शव को गोंसाईगंज स्थित अपने पैतृक गांव ले गए, जहां पूरे परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। मासूम की असमय मौत से गांव और कॉलोनी दोनों जगह शोक का माहौल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों वाले घरों में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। पानी से भरी बाल्टी, टब या अन्य खुले बर्तनों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। साथ ही, शिशुओं को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि छह माह की उम्र में बच्चे अचानक करवट बदलना या पलटना शुरू कर देते हैं, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ भी समय-समय पर अभिभावकों को सलाह देते हैं कि छोटे बच्चों के आसपास पानी से भरे बर्तन, बिजली के उपकरण, दवाइयां और अन्य खतरनाक वस्तुएं खुली न छोड़ें। कुछ मिनटों की असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

फिलहाल इस दुखद घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। एक छोटी-सी लापरवाही ने उनकी खुशियां छीन लीं और छह माह के मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई। यह हादसा सभी अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर पल सतर्क रहना कितना आवश्यक है।

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