उत्तर प्रदेश

दुर्गा पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा, लोहे की पाइप में करंट उतरने से 7 साल के मासूम की मौत

Kavita2
12 Oct 2026 1:17 PM IST
दुर्गा पूजा पंडाल में दर्दनाक हादसा, लोहे की पाइप में करंट उतरने से 7 साल के मासूम की मौत
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जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में दुर्गा पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। केराकत कोतवाली क्षेत्र के खटहरा गांव में रविवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान लोहे की पाइप में करंट उतरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान नीरज सरोज के पुत्र रिव्यांस सरोज के रूप में हुई है। रिव्यांस आजाद नगर बाजार के बखरी स्थित माइक्रोटेक स्कूल में एलकेजी का छात्र था। धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना ने पूजा पंडालों में बिजली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, खटहरा गांव में रविवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में आरती का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान पंडाल में लगी लोहे की पाइप में विद्युत करंट उतर आया। करंट की चपेट में आने से सात वर्षीय रिव्यांस सरोज की मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से धार्मिक आयोजन के बीच दुखद स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, करंट लगने के बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया था या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आरती के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

केराकत कोतवाली क्षेत्र के खटहरा गांव में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा था। रविवार रात पंडाल में आरती चल रही थी। इसी दौरान लोहे की पाइप में करंट उतरने से एक मासूम बच्चे की जान चली गई।

मृतक की पहचान सात वर्षीय रिव्यांस सरोज के रूप में हुई है। वह नीरज सरोज का पुत्र था।

घटना के समय पंडाल में आरती का कार्यक्रम चल रहा था। हालांकि, बच्चा लोहे की पाइप के संपर्क में किस प्रकार आया और करंट लगने की सटीक परिस्थितियां क्या थीं, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि पाइप में करंट किस वजह से उतरा। बिजली के तार के संपर्क में आने, वायरिंग की खराबी या किसी अन्य तकनीकी कारण की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ऐसे में हादसे के वास्तविक कारणों का पता तकनीकी जांच के बाद ही लगाया जा सकता है।

एलकेजी में पढ़ता था सात वर्षीय रिव्यांस

हादसे में जान गंवाने वाला रिव्यांस सरोज महज सात वर्ष का था। वह आजाद नगर बाजार के बखरी स्थित माइक्रोटेक स्कूल में एलकेजी का छात्र था।

इतनी कम उम्र में बच्चे की मौत होना परिवार के लिए बेहद दुखद घटना है। रिव्यांस अपने जीवन के शुरुआती शैक्षणिक दौर में था।

विद्यालय में एलकेजी की पढ़ाई करने वाला रिव्यांस अन्य बच्चों की तरह शिक्षा प्राप्त कर रहा था, लेकिन रविवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।

उपलब्ध जानकारी में बच्चे की मां, परिवार के अन्य सदस्यों या विद्यालय प्रबंधन की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

इसी तरह स्कूल की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किए जाने की जानकारी भी सामने नहीं आई है।

लोहे की पाइप में करंट उतरने से गई जान

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे का कारण दुर्गा पूजा पंडाल में लगी लोहे की पाइप में विद्युत करंट उतरना बताया गया है।

लोहे जैसी धातुएं बिजली की सुचालक होती हैं। यदि किसी धातु की संरचना के संपर्क में बिजली का खुला तार आ जाए या विद्युत उपकरण में खराबी हो, तो उसमें करंट प्रवाहित होने का खतरा पैदा हो सकता है।

ऐसी स्थिति में धातु को छूने वाला व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो सकता है। कई मामलों में विद्युत करंट जानलेवा भी साबित होता है।

हालांकि, खटहरा गांव के इस हादसे में पाइप तक बिजली किस स्रोत से पहुंची, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए किसी विशेष तकनीकी खराबी या लापरवाही को दुर्घटना का कारण बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।

दुर्गा पूजा पंडालों में बिजली सुरक्षा का महत्व

नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न स्थानों पर अस्थायी पंडाल बनाए जाते हैं। इन पंडालों में रोशनी, सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए बिजली का उपयोग किया जाता है।

अस्थायी विद्युत व्यवस्थाओं में सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक होता है। विशेष रूप से धातु के ढांचे, लोहे की पाइप और बिजली के तारों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

पंडालों में बिजली की वायरिंग सही ढंग से की जाए और खुले तारों को सुरक्षित रखा जाए, तो विद्युत दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

इसके अलावा अर्थिंग और उपयुक्त विद्युत सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।

खटहरा गांव में हुई घटना ने ऐसे धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली संबंधी सावधानियों की आवश्यकता को फिर सामने रखा है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी

धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे शामिल होते हैं। ऐसे में आयोजन स्थलों पर बच्चों की सुरक्षा विशेष महत्व रखती है।

पूजा पंडालों में बिजली के उपकरणों, तारों और धातु के ढांचों तक बच्चों की अनियंत्रित पहुंच दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है।

आयोजन स्थलों पर बिजली से संबंधित खतरनाक स्थानों की पहचान करना और उन्हें सुरक्षित रखना आवश्यक है।

बच्चों को खुले तारों, विद्युत उपकरणों और संदिग्ध धातु संरचनाओं से दूर रखना भी महत्वपूर्ण सावधानी है।

हालांकि, खटहरा गांव के पंडाल में कौन-कौन सी सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध थीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए वहां सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं, इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए जांच आवश्यक होगी।

हादसे की परिस्थितियों को लेकर जानकारी बाकी

रविवार रात हुई इस घटना के संबंध में फिलहाल सीमित जानकारी उपलब्ध है।

यह स्पष्ट है कि केराकत कोतवाली क्षेत्र के खटहरा गांव में दुर्गा पूजा पंडाल के दौरान लोहे की पाइप में करंट उतरने से सात वर्षीय रिव्यांस सरोज की मौत हुई।

हालांकि, घटना के बाद पुलिस को कब सूचना दी गई, शव का पोस्टमार्टम कराया गया या नहीं और किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई हुई है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा पंडाल की बिजली व्यवस्था किसने तैयार की थी और हादसे के बाद विद्युत आपूर्ति बंद की गई या नहीं, इस संबंध में भी कोई पुष्ट विवरण सामने नहीं आया है।

इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों की जानकारी और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होता है।

पूजा पंडालों में अस्थायी ढांचे, विद्युत सजावट और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच आवश्यक है।

विशेष रूप से लोहे के ढांचों के आसपास विद्युत तारों की स्थिति, अर्थिंग और विद्युत उपकरणों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी होता है।

किसी भी असुरक्षित विद्युत व्यवस्था से गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

खटहरा गांव में सात वर्षीय बच्चे की मौत ने यह दिखाया है कि धार्मिक आयोजनों में बिजली से संबंधित जोखिम कितने गंभीर हो सकते हैं।

हालांकि, इस विशेष घटना के लिए किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय होने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

मासूम की मौत से दुखद हुआ पूजा का माहौल

खटहरा गांव में रविवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान हुआ यह हादसा बेहद दुखद है।

सात वर्षीय रिव्यांस सरोज की मौत ने धार्मिक आयोजन के बीच एक परिवार से उसका बच्चा छीन लिया।

रिव्यांस आजाद नगर बाजार के बखरी स्थित माइक्रोटेक स्कूल में एलकेजी का छात्र था। उसकी असमय मौत ने एक बार फिर सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में विद्युत सुरक्षा के महत्व को सामने रखा है।

फिलहाल घटना की सटीक परिस्थितियों और लोहे की पाइप में करंट उतरने के कारणों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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