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हाउस टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में व्यापारियों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी

गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा हाउस टैक्स में की गई भारी वृद्धि के विरोध में व्यापारियों का आंदोलन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। नवयुग मार्केट में हाउस टैक्स विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में व्यापारियों ने धरना दिया और बढ़े हुए टैक्स को तत्काल वापस लेने की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से की गई टैक्स वृद्धि से व्यापारियों और शहर के आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और शहर के विभिन्न बाजारों को बंद कराने की तैयारी की जाएगी।
बुधवार को नवयुग मार्केट में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़े हुए हाउस टैक्स पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पहले से ही कारोबार में कई तरह की चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे समय में हाउस टैक्स में भारी वृद्धि व्यापारियों की परेशानी और बढ़ाने वाली है।
हाउस टैक्स विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को लगातार सात दिन हो चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांग प्रशासन और नगर निगम तक पहुंचा दी है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई समाधान सामने नहीं आया है जिससे व्यापारी संतुष्ट हो सकें। इसी वजह से धरना लगातार जारी रखा गया है।
व्यापारियों ने कहा कि टैक्स में की गई वृद्धि का सीधा असर संपत्ति मालिकों के साथ-साथ कारोबारियों पर भी पड़ेगा। उनका तर्क है कि यदि कर का बोझ अचानक बढ़ता है तो इसका असर व्यापार की लागत पर भी पड़ सकता है। छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए अतिरिक्त कर देना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
धरने में शामिल व्यापारियों ने नगर निगम से बढ़े हुए हाउस टैक्स के आदेश की समीक्षा करने और उसे तत्काल वापस लेने की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे किसी भी तरह से नगर निगम के राजस्व संग्रह के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन टैक्स में इतनी अधिक वृद्धि स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि कर निर्धारण व्यावहारिक और व्यापारियों की क्षमता के अनुरूप होना चाहिए।
व्यापारियों के अनुसार, हाउस टैक्स बढ़ोतरी को लेकर बाजारों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। यदि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन शहर के अन्य बाजारों तक भी फैल सकता है। इसी क्रम में संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो विभिन्न बाजारों को बंद कराने की तैयारी की जाएगी।
बुधवार के धरने के दौरान व्यापारियों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि वे अपनी मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि सात दिनों से लगातार धरना देने के बावजूद यदि उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था में बाजारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बड़ी संख्या में लोग व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े होते हैं। ऐसे में नगर निगम से जुड़े किसी भी कर में बड़ा बदलाव करने से पहले व्यापारिक संगठनों और संबंधित पक्षों से संवाद किया जाना चाहिए। व्यापारियों का आरोप है कि हाउस टैक्स में वृद्धि के कारण उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं।
आंदोलनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की मांग भी की है। उनका कहना है कि बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिससे निगम की राजस्व जरूरतें भी पूरी हों और व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ भी न पड़े।
नवयुग मार्केट में चल रहे धरने के कारण यह मुद्दा अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है। व्यापारिक संगठनों के बीच भी इस आंदोलन को लेकर लगातार विचार-विमर्श चल रहा है। यदि नगर निगम और व्यापारियों के बीच सहमति नहीं बनती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ने की संभावना है।
व्यापारियों की चेतावनी को देखते हुए बाजार बंद कराने का फैसला आंदोलन का महत्वपूर्ण अगला चरण हो सकता है। हालांकि फिलहाल व्यापारियों ने धरना जारी रखा है और नगर निगम से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि समस्या का समाधान बातचीत के माध्यम से हो, लेकिन यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो उन्हें आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
हाउस टैक्स को लेकर व्यापारियों और नगर निगम के बीच विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बाजारों में कारोबारी गतिविधियों को लेकर पहले से कई चुनौतियां बनी हुई हैं। व्यापारियों का कहना है कि कारोबार की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में संपत्ति कर में भारी वृद्धि उनके लिए अतिरिक्त वित्तीय दबाव पैदा कर सकती है।
आंदोलन के सातवें दिन व्यापारियों ने दोहराया कि उनकी मुख्य मांग बढ़े हुए हाउस टैक्स को वापस लेना है। संघर्ष समिति का कहना है कि जब तक इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। व्यापारियों ने अन्य बाजारों के संगठनों से भी आंदोलन के समर्थन में आगे आने की अपील की है।
अब सभी की नजर नगर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यदि प्रशासन व्यापारियों से बातचीत कर कोई समाधान निकालता है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है। वहीं मांग पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में व्यापारियों के आंदोलन के और तेज होने के संकेत हैं।
फिलहाल बुधवार को सातवें दिन भी नवयुग मार्केट में व्यापारियों का धरना जारी रहा। बढ़े हुए हाउस टैक्स को लेकर व्यापारियों में नाराजगी स्पष्ट दिखाई दी। उन्होंने तत्काल टैक्स वृद्धि वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि समाधान नहीं हुआ तो शहर के विभिन्न बाजारों को बंद कराने की तैयारी की जाएगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम और व्यापारी संगठनों के बीच इस विवाद का समाधान कब और किस स्तर पर निकलता है।





