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Rajasthan से यूपी तक फैला नकली दवाओं का कारोबार, 24 लाख की दवाएं सील

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने राजस्थान से नकली दवाएं बनाकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह राजस्थान में नकली दवाएं तैयार कर उन्हें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेच रहा था। गिरोह के सदस्य बीपी, गैस, बुखार, सूजन, दर्द और कई प्रकार की एंटीबायोटिक दवाओं समेत कुल 27 तरह की नकली दवाओं का निर्माण और सप्लाई कर रहे थे।
एफएसडीए और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले में राजस्थान के मास्टरमाइंड समेत आठ आरोपियों के खिलाफ अमीनाबाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, नकली दवाओं की बिक्री की सूचना मिलने के बाद एफएसडीए और पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि राजस्थान से तैयार की जा रही नकली दवाएं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहुंचाई जा रही थीं। इसके बाद टीम ने लखनऊ और गोंडा में कई स्थानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान लखनऊ के अमीनाबाद और बीकेटी क्षेत्र के अलावा गोंडा में भी छापेमारी की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। अधिकारियों के अनुसार, करीब 24 लाख रुपये से अधिक कीमत की संदिग्ध दवाओं को सील किया गया है।
टीम ने बरामद दवाओं के 27 नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ये दवाएं कितनी खतरनाक थीं और इनमें किस तरह की मिलावट की गई थी। अगर जांच में दवाएं नकली पाई जाती हैं तो आरोपियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, नकली दवाओं का कारोबार लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। ऐसी दवाओं के सेवन से मरीजों की बीमारी ठीक होने के बजाय उनकी हालत और खराब हो सकती है। खासकर गंभीर बीमारियों जैसे ब्लड प्रेशर, संक्रमण और अन्य रोगों में नकली दवाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।
एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं की बिक्री रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मेडिकल स्टोर, दवा सप्लायर और निर्माण इकाइयों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और उत्तर प्रदेश के किन-किन जिलों में नकली दवाओं की सप्लाई की गई। इसके अलावा गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और दवा विक्रेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद दवा कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और नकली दवाओं के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।





