उत्तर प्रदेश

जवारा विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 19 लोग घायल

Kavita2
19 Oct 2026 12:49 PM IST
जवारा विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 19 लोग घायल
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जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में नवरात्रि के अवसर पर जवारा विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं के साथ सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। कोंच तहसील क्षेत्र के कैलिया खुर्द गांव से अक्षरा देवी मंदिर जा रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली खैराई और कनासी गांव के बीच कच्चे रास्ते पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली में लगभग 30 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल थे। दुर्घटना में 19 लोग घायल हो गए। इनमें छह घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। राहत की बात यह है कि चिकित्सकों ने सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई है।

घटना सोमवार सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और कोंच कोतवाली पुलिस ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया।

जवारा विसर्जन के लिए निकले थे 30 श्रद्धालु

जानकारी के अनुसार, कैलिया खुर्द गांव के लगभग 30 श्रद्धालु नवरात्रि के अवसर पर जवारा विसर्जन करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से अक्षरा देवी मंदिर जा रहे थे।

वाहन में महिलाएं, बच्चे और अन्य ग्रामीण सवार थे। श्रद्धालु धार्मिक परंपरा के अनुसार जवारा विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे।

इसी दौरान खैराई और कनासी के बीच कच्चे रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रास्ता ऊंचा-नीचा होने के कारण चालक वाहन को संतुलित नहीं रख सका और ट्रॉली पलट गई।

अचानक हुए हादसे से ट्रॉली में बैठे श्रद्धालु नीचे गिर पड़े। कई लोगों को चोटें आईं और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर पलटी ट्रैक्टर-ट्रॉली

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का कारण कच्चे मार्ग का ऊबड़-खाबड़ होना बताया जा रहा है।

खैराई और कनासी के बीच सड़क की सतह समतल नहीं होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद वाहन पलट गया।

ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सवार होने के कारण हादसे में 19 लोगों को चोटें आईं।

हालांकि, दुर्घटना में वाहन की गति, यात्रियों के बैठने की स्थिति और चालक की भूमिका जैसे अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच आवश्यक है।

महिलाओं और बच्चों में मची चीख-पुकार

दुर्घटना के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली में अधिकांश महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। वाहन पलटते ही श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने घायलों को सुरक्षित निकालने और अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।

हादसे में घायल लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता रही। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने राहत कार्य आगे बढ़ाया।

कोंच सीएचसी में भर्ती कराए गए घायल

हादसे की सूचना मिलने के बाद कोंच कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच पहुंचाया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने घायलों की जांच करके उपचार शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, हादसे में कुल 19 श्रद्धालु घायल हुए हैं। इनमें छह लोगों को बेहतर उपचार की आवश्यकता को देखते हुए जिला अस्पताल भेजा गया।

बाकी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।

छह घायल जिला अस्पताल रेफर

चिकित्सकों ने छह घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया है। हालांकि, उनकी चोटों की प्रकृति और पहचान के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है।

यह खबर घायल श्रद्धालुओं के परिजनों के लिए राहत देने वाली है। फिलहाल चिकित्सकों की ओर से घायलों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारी ढोने पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोगों को बैठाकर ले जाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रैक्टर का उपयोग मुख्य रूप से कृषि कार्यों के लिए किया जाता है। इसमें लगी ट्रॉली को सामान्य यात्री वाहन की तरह इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाता।

ट्रॉली में यात्रियों के बैठने के लिए निर्धारित सुरक्षा उपकरण, सीट बेल्ट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं होतीं।

ऐसे में अचानक मोड़ आने, रास्ता ऊबड़-खाबड़ होने या वाहन का संतुलन बिगड़ने पर यात्रियों के गिरने तथा गंभीर रूप से घायल होने का खतरा बढ़ जाता है।

सरकारी सख्ती के बावजूद जारी है सवारियां ढोना

उत्तर प्रदेश में ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों को बैठाकर ले जाने के कारण पहले भी गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

सरकार और संबंधित विभाग समय-समय पर कृषि वाहनों में असुरक्षित तरीके से सवारियां ढोने के खिलाफ चेतावनी और कार्रवाई करते रहे हैं।

इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों, मेलों और अन्य सामूहिक कार्यक्रमों के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल जारी है।

कोंच क्षेत्र में हुई यह दुर्घटना भी इसी समस्या की ओर ध्यान दिलाती है।

पुलिस और परिवहन विभाग की निगरानी पर सवाल

हादसे के बाद पुलिस और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को ले जाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है।

विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों के दौरान ऐसे वाहनों में महिलाओं और बच्चों की भीड़ होने से दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि, इस विशेष घटना में किसी अधिकारी की लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कच्चे रास्तों की स्थिति भी चिंता का विषय

खैराई और कनासी के बीच जिस कच्चे रास्ते पर दुर्घटना हुई, उसकी ऊबड़-खाबड़ स्थिति को हादसे की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में असमतल रास्तों पर वाहनों का संचालन करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।

भारी ट्रॉली में अधिक लोगों के सवार होने से वाहन के संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।

इसलिए ग्रामीण मार्गों की स्थिति सुधारने के साथ असुरक्षित यात्री परिवहन पर नियंत्रण जरूरी है।

बड़ा हादसा टला, सभी घायल खतरे से बाहर

कैलिया खुर्द से अक्षरा देवी मंदिर जवारा विसर्जन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के साथ हुई इस दुर्घटना में 19 लोग घायल हुए हैं।

राहत की बात यह है कि चिकित्सकों ने सभी घायलों को खतरे से बाहर बताया है।

छह घायलों को जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद उनके उपचार की व्यवस्था की गई है।

यह घटना धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। ग्रामीणों की मदद और पुलिस की तत्परता से घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

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