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Torrential बारिश से मुरादाबाद में तबाही, जलमग्न हुए गांव और खेत

Moradabad मुरादाबाद : जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण रामगंगा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से विकासखंड मुंढापांडे क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। रामगंगा का पानी गांवों और खेतों तक पहुंचने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंढापांडे क्षेत्र के बिकनपुर, वीरपुर बरियार, गोविंदपुर, मोहम्मदपुर, गतौरा, दौलतपुर, अमजदपुर समेत आसपास के कई गांवों में देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी का पानी तेजी से बढ़ने के बाद खेतों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच गया है। कई ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति बिकनपुर और वीरपुर बरियार के बीच बने मुख्य पुल के आसपास बनी हुई है। यहां सड़क पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। कई फीट पानी बहने के कारण वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। मजबूरी में ग्रामीण पानी भरे रास्तों से होकर गुजर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण बाइक और छोटे वाहन रास्ते में ही बंद हो रहे हैं। कई लोग पैदल ही पानी पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि यदि रामगंगा नदी का जलस्तर और बढ़ा तो कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट सकता है।
बाढ़ का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान, उड़द और गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत कुछ ही समय में बर्बाद हो गई। खेतों में लगातार पानी भरा रहने से फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बाढ़ के कारण पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से हरे चारे की समस्या पैदा हो गई है। कई किसान उफनते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर पशुओं के लिए चारा जुटाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तत्काल राहत व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रामगंगा नदी पर स्थायी समाधान के लिए मजबूत बांध या अन्य सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि हर साल आने वाली बाढ़ से गांवों और किसानों को बचाया जा सके।
इसके अलावा प्रभावित लोगों ने जलमग्न सड़कों पर सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने, राहत सामग्री पहुंचाने और बर्बाद फसलों का जल्द मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्यों को और तेज किया जाएगा। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा ले रही हैं।





