उत्तर प्रदेश

टोंस और बेलन नदी खतरे के निशान के पार, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट

Kavita2
4 Sept 2026 3:12 PM IST
टोंस और बेलन नदी खतरे के निशान के पार, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
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प्रयागराज। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण मैदानी इलाकों की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। टोंस और बेलन नदी उफान पर हैं और दोनों नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

तीन सितंबर को बेलन नदी ने लाल निशान पार कर लिया, जबकि टोंस नदी बुधवार से ही खतरे के निशान के ऊपर बह रही थी। दोनों नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

बांधों से छोड़े जा रहे पानी का असर

अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जलाशयों और बांधों में पानी का दबाव बढ़ गया है। इसके चलते बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका असर मैदानी इलाकों की नदियों पर दिखाई दे रहा है।

टोंस और बेलन जैसी पहाड़ी नदियों में अचानक पानी बढ़ने से आसपास के गांवों और नदी तटीय क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।

नदी किनारे रहने वाले लोग चिंतित

नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें।

गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी असर

टोंस और बेलन नदी में आई बाढ़ का असर गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी पड़ रहा है।

दोनों प्रमुख नदियों का पानी लगातार बढ़ रहा है, हालांकि अधिकारियों के अनुसार अब जलस्तर बढ़ने की गति धीमी हो गई है।

फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव तैयारियां तेज कर दी हैं।

एनडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दल की टीमें प्रभावित संभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। इन टीमों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।

प्रशासन की ओर से नदी किनारे बसे इलाकों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

राहत और बचाव दल तैयार

अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

राहत शिविरों, नावों और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

यदि किसी क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति बनती है तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

नदियों का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा चिंता किसानों को है। नदी किनारे स्थित खेतों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है।

किसानों को डर है कि बाढ़ का पानी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रशासन की ओर से किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम पर बनी हुई है नजर

मौसम विभाग और प्रशासन लगातार बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है तो नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

नदी के आसपास जाने, तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने और जोखिम लेने से बचने की सलाह दी गई है।

टोंस और बेलन नदी के खतरे के निशान के पार पहुंचने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। फिलहाल गंगा और यमुना का जलस्तर नियंत्रित गति से बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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