उत्तर प्रदेश

प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब नोएडा में 1 जनवरी से सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों से होगी होम डिलीवरी

SHIDDHANT
22 Nov 2025 9:59 PM IST
प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब नोएडा में 1 जनवरी से सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों से होगी होम डिलीवरी
x
Noida नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के उप संभागीय परिवहन कार्यालय सेक्टर-32, नोएडा में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने की। बैठक में नव प्रोन्नत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विनय कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के जारी किए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की तैयारी सुनिश्चित करना था। बैठक में जनपद गौतमबुद्ध नगर की ई-कॉमर्स कंपनियों, मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं से जुड़े प्रतिनिधियों तथा परिवहन व्यवसायी एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने सभी प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि 1 जनवरी 2026 से मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं की फ्लीट में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन ही शामिल किए जा सकेंगे। इसमें दोपहिया डिलीवरी वाहन, तीन पहिया, तथा चार पहिया (3.5 टन तक) वाहन सम्मिलित हैं। डीजल या पेट्रोल वाहनों का उपयोग चरणबद्ध रूप से पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। ऐसे में सभी संस्थाओं और सेवा प्रदाताओं को अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए, ताकि आने वाले समय में किसी प्रकार की प्रशासनिक या परिचालन असुविधा न उत्पन्न हो।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी, इसलिए किसी भी सेवा प्रदाता को नियत तिथि के बाद गैर-स्वीकृत वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। अधिकारीगण ने ई-कॉमर्स और डिलीवरी कंपनियों से पर्यावरण हित में और जनहित को ध्यान में रखते हुए नियमों के अनुपालन की अपील की। बैठक के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए यह एक प्रभावी कदम है और उद्योग जगत इस दिशा में सहयोग करेगा। परिवहन विभाग भविष्य में भी विभिन्न चरणों में समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा ताकि नई व्यवस्था के कार्यान्वयन में कोई बाधा न आए।
Next Story