- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- तिरंगा यात्रा बनी...

x
गोरखपुर : भारतीय जनता पार्टी की ओर से वर्ष 2022 से लगातार आयोजित की जा रही तिरंगा यात्रा इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच खास महत्व रखती है। भाजपा इस अभियान के जरिए जहां लोगों में राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दे रही है, वहीं संगठन के स्तर पर इसे आगामी चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी गोरखपुर में तिरंगा यात्रा के माध्यम से मौजूदा विधायकों के साथ विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने वाले नेताओं की सक्रियता और जनसमर्थन को भी परख रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखपुर विधानसभा क्षेत्र से तिरंगा यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। इसके बाद जिले की अन्य विधानसभा सीटों में भी अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा की कोशिश है कि इन यात्राओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाए और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को और मजबूत बनाया जाए। पार्टी के लिए गोरखपुर विशेष रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक प्रभाव भी लंबे समय से रहा है।
तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए भाजपा ने जिला और महानगर स्तर पर अलग-अलग संयोजक नियुक्त किए हैं। संगठन ने जिम्मेदारियों का विभाजन मंडल और बूथ स्तर तक किया है। गोरखपुर जिले के 29 मंडलों और महानगर के 10 मंडलों में 13 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रमों के तहत तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। पार्टी ने जिले और महानगर की सभी नौ विधानसभा सीटों में व्यापक तैयारियां की हैं। इसके अलावा गोरखपुर के सभी 19 ब्लॉक में भी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
भाजपा ने प्रत्येक बूथ पर बड़ी संख्या में तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिले में करीब 2800 बूथों पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा 50-50 तिरंगा फहराने की योजना बनाई गई है। पार्टी ने आम नागरिकों से भी अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की है। भाजपा का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को राष्ट्र और देश के अमर बलिदानियों के प्रति सम्मान के लिए प्रेरित करना है।
जिले में तिरंगा यात्रा के संयोजक मनोज शुक्ला के मुताबिक, सभी 29 मंडलों में यात्रा को लेकर विधायक, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक यात्रा के लिए मुख्य अतिथि भी निर्धारित किए गए हैं। संगठन की योजना है कि कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि तिरंगा यात्रा केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित न रहे और आम लोगों की भी इसमें सहभागिता हो।
गोरखपुर महानगर में भाजपा ने सभी 80 वार्ड में तिरंगा यात्रा निकालने की योजना बनाई है। महानगर में अभियान की जिम्मेदारी शशिकांत सिंह को दी गई है। महानगर के 10 मंडलों के साथ नगर निगम के सभी वार्ड में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहर और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में कुल 892 बूथ हैं। पार्टी ने प्रत्येक बूथ के तहत आने वाले करीब 200 से 250 घरों तक तिरंगा पहुंचाने और वहां तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के मुताबिक, 11 और 12 अगस्त को विभिन्न मंडलों में विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी। गोरखपुर और लखनऊ जिला मुख्यालयों पर तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है। प्रदेश के बाकी जिला मुख्यालयों पर 13 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। पार्टी ने 14 अगस्त तक घर-घर तिरंगा पहुंचाने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं को दी है।
इस अभियान को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर इसलिए भी देखा जा रहा है क्योंकि तिरंगा यात्राओं में स्थानीय नेताओं और विधायकों की सक्रिय भूमिका सामने आएगी। पार्टी के मौजूदा विधायक, संभावित टिकट दावेदार और संगठन के पदाधिकारी इन कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी और जनसंपर्क के जरिए राजनीतिक प्रभाव दिखाने की कोशिश करेंगे। ऐसे में भाजपा के लिए यह अभियान संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन का भी अवसर बन गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में तिरंगा यात्रा की शुरुआत से पहले अपने संबोधन में देश के क्रांतिकारियों और अमर बलिदानियों को सम्मान देने की बात कही। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना नेहरू-गांधी परिवार पर भी निशाना साधा। योगी ने कहा कि पहले एक ही परिवार के नाम पर संस्थाओं और योजनाओं के नाम रखे जाते थे, जबकि अब देश के क्रांतिकारियों को सम्मान दिया जा रहा है।
भाजपा का कहना है कि तिरंगा यात्रा भारत के अमर बलिदानियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हालांकि, मिशन-2027 के मद्देनजर यह अभियान पार्टी के लिए राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ-साथ संगठन की जमीनी ताकत, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संभावित चुनावी दावेदारों की लोकप्रियता परखने का माध्यम भी बनता दिखाई दे रहा है।
TagsTiranga YatraBJPpowertestplatformतिरंगा यात्राभाजपाशक्तिपरीक्षणमंचजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





