उत्तर प्रदेश

अयोध्या दीपोत्सव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DM-SSP ने लिया जायजा

Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 9:40 PM IST
अयोध्या दीपोत्सव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DM-SSP ने लिया जायजा
x
अयोध्या। उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव के 10वें संस्करण को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विशिष्ट अतिथियों के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। बुधवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने संबंधित अधिकारियों के साथ प्रमुख आयोजन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। इस बार दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
रामनगरी में होने वाला दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन चुका है। हर वर्ष लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाने वाली अयोध्या इस बार भी नया इतिहास रचने की तैयारी कर रही है। आयोजन को सफल बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
डीएम और एसएसपी ने प्रमुख स्थलों का किया निरीक्षण
दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों ने राम की पैड़ी सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों, श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास, पार्किंग व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन से जुड़े इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।इससे पहले भी जिलाधिकारी और एसएसपी ने अयोध्या विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया था।
20 एएसपी और 45 सीओ संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की तैयारी की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आयोजन की सुरक्षा में 20 अपर पुलिस अधीक्षक और 45 क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।इसके अलावा कार्यक्रम क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में विभाजित कर निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। इससे किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे।सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ विशेष सुरक्षा एजेंसियों की भी भूमिका रहेगी। उपराष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट अतिथियों के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर प्रवेश व्यवस्था, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राम की पैड़ी और सरयू घाटों पर विशेष निगरानी
दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण राम की पैड़ी और सरयू नदी के घाटों पर होने वाला दीप प्रज्वलन कार्यक्रम रहेगा। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। घाटों पर सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।आयोजन के दौरान नदी किनारे भीड़ अधिक होने से विशेष सावधानी की आवश्यकता रहेगी। ऐसे में घाटों के आसपास निगरानी, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन सहायता संबंधी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी।
दीपोत्सव में लाखों दीयों से जगमगाएगी रामनगरी
अयोध्या दीपोत्सव के 10वें संस्करण को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस बार राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर लाखों दीप जलाने की योजना है। आयोजन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।रिपोर्टों के अनुसार, दीप प्रज्वलन की व्यवस्था संभालने के लिए लगभग 35 हजार स्वयंसेवकों को लगाया जाना है।दीपोत्सव के दौरान रामायण से जुड़े प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनेंगी। रामनगरी को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी आकृतियों से सजाया जा रहा है।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर
दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यातायात प्रबंधन प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी। अयोध्या के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है।इसे ध्यान में रखते हुए वाहनों की पार्किंग, वैकल्पिक मार्गों और भीड़ वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर योजनाएं तैयार की जा रही हैं।विशिष्ट अतिथियों के आवागमन के दौरान सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध भी लागू किए जा सकते हैं। हालांकि, किन मार्गों पर यातायात परिवर्तन होगा और किस समय वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, इसकी जानकारी संबंधित प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार स्पष्ट होगी।श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा जारी यातायात निर्देशों का पालन करें।
स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की तैयारी भी अहम
इतने बड़े आयोजन में चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता भी बेहद आवश्यक है। भीड़भाड़ के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या अन्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
इसके साथ ही अग्निशमन, स्वच्छता, पेयजल और सार्वजनिक सुविधाओं को व्यवस्थित बनाए रखना भी आवश्यक होगा। अधिकारियों के निरीक्षण का उद्देश्य आयोजन से पहले संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना है।
सीएम योगी भी कर चुके हैं तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने अयोध्या पहुंचकर आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर देने के निर्देश दिए।राज्य सरकार की प्राथमिकता दीपोत्सव को भव्य बनाने के साथ इसे सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।
7 नवंबर को भव्य आयोजन की तैयारी
अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। राम की पैड़ी, सरयू घाट और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।प्रशासन के सामने लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दोहरी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर लगातार स्थलीय निरीक्षण और समीक्षा कर रहे हैं।
अब सभी की निगाहें 7 नवंबर पर टिकी हैं, जब रामनगरी लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगी और दीपोत्सव का 10वां संस्करण धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत तथा भव्यता का अनूठा दृश्य प्रस्तुत करेगा।
Next Story