- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- गणेश प्रतिमा विसर्जन...

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जबरैला पुल के पास सई नदी में मंगलवार शाम तीन युवक डूब गए। हादसे के समय नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि तीनों युवक पानी में डूबते रहे और मौके पर मौजूद कुछ लोग वीडियो बनाते रहे। वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी घटना की जानकारी फोन के जरिए अधिकारियों को देते रहे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम मोहनलालगंज क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में लोग जबरैला पुल के पास सई नदी के किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान तीन युवक नदी में उतर गए। बताया जा रहा है कि पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण युवक खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते डूबने लगे। युवकों को पानी में संघर्ष करते देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
डूबते युवकों का वीडियो हुआ वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में नदी में युवक डूबते नजर आ रहे हैं, जबकि किनारे पर मौजूद लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति दिखाई दे रही है। आरोप है कि इस दौरान कई लोग युवकों को बचाने की कोशिश करने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी फोन के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना देते दिखाई दिए।
तीनों युवकों के नदी में डूबने के बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की। हालांकि पानी की गहराई और बहाव के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी गई तथा एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
SDRF के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद एसडीआरएफ की टीम देर से मौके पर पहुंची। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बन गई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता तो युवकों को तलाशने का अभियान पहले शुरू किया जा सकता था।
एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद गोताखोरों को नदी में उतारा गया। टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के हिस्सों में तीनों युवकों की तलाश शुरू की। नदी में अंधेरा बढ़ने और पानी की स्थिति के कारण अभियान में मुश्किलें भी सामने आईं। देर रात तक गोताखोर नदी में युवकों को खोजते रहे, लेकिन तीनों का कोई पता नहीं चल सका।
नदी किनारे जुटी रही लोगों की भीड़
हादसे की खबर आसपास के गांवों में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। नदी किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। युवकों के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ के गोताखोर लगातार संभावित स्थानों पर तलाश करते रहे। वहीं पुलिस को भी भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद सबसे अधिक चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जब युवक नदी में डूब रहे थे, उस समय मौके पर मौजूद लोगों की ओर से तत्काल प्रभावी बचाव प्रयास क्यों नहीं हो सका। हालांकि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम और मौके पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को स्वतंत्र रूप से तय नहीं किया जा सकता।
विसर्जन के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए लोग नदी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। धार्मिक आयोजन की खुशियां कुछ ही मिनटों में मातम और चिंता में बदल गईं। युवकों के नदी में डूबने के बाद विसर्जन स्थल पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
पुलिस और बचाव दल ने लोगों को नदी के गहरे हिस्से से दूर रहने के लिए कहा। एसडीआरएफ की टीम ने नदी के बहाव की दिशा में भी तलाश की, क्योंकि आशंका थी कि पानी के साथ युवक घटनास्थल से आगे बह गए हों। देर रात तक चले अभियान में तीनों युवकों का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती गई।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने विसर्जन जैसे आयोजनों के दौरान नदी और अन्य गहरे जलस्रोतों के पास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर पहले से गोताखोर, बचाव उपकरण और प्रशिक्षित टीम तैनात रहने से आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सकती है।
फिलहाल तीनों युवकों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी रहने की बात सामने आई है। घटना के वायरल वीडियो और एसडीआरएफ के देर से पहुंचने के आरोपों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।





