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खिलौना निकालने पानी से भरे गड्ढे में गिरी तीन साल की बच्ची, डूबने से मौत

महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के नरकटहा के छोटका टोला में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में तीन वर्षीय बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई। बच्ची घर के बाहर खेलते-खेलते पानी से भरे एक गड्ढे के पास पहुंच गई थी। इसी दौरान उसका खिलौना गड्ढे में गिर गया। खिलौना निकालने के प्रयास में बच्ची पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी और डूब गई।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद बच्ची का शव बरामद किया। हालांकि स्वजन ने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी और शव को बाद में नदी में प्रवाहित कर दिया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।
दरवाजे पर खेल रही थी बच्ची
नरकटहा के छोटका टोला निवासी दिलीप निषाद की तीन वर्षीय पुत्री प्रीति शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे घर के दरवाजे पर खेल रही थी। उस समय उसकी मां भी बच्ची के आसपास मौजूद थीं। परिवार के अनुसार, बच्ची रोज की तरह घर के बाहर खेल रही थी और सब कुछ सामान्य था।
कुछ देर बाद बच्ची की मां किसी जरूरी काम से घर के अंदर चली गईं। इसी दौरान प्रीति खेलते-खेलते घर के पास मौजूद पानी से भरे गड्ढे की ओर चली गई। परिवार को उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही क्षणों में बड़ा हादसा हो जाएगा।
खिलौना गड्ढे में गिरा, निकालने पहुंची बच्ची
बताया गया कि खेलते समय प्रीति का खिलौना पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। महज तीन वर्ष की बच्ची ने खिलौना निकालने की कोशिश की। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में गिर गई।
छोटी बच्ची के पानी में गिरते ही कुछ समय तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। मां के घर के अंदर चले जाने के दौरान यह हादसा हुआ। जब बच्ची आसपास दिखाई नहीं दी तो परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की।
तलाश में जुटे ग्रामीण
बच्ची के लापता होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी खोजबीन में जुट गए। घर के आसपास, रास्तों और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की गई। ग्रामीणों को आशंका हुई कि बच्ची कहीं पानी के गड्ढे की ओर तो नहीं चली गई।
तलाश के दौरान लोगों की नजर पानी से भरे गड्ढे की तरफ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी में खोज शुरू की। काफी प्रयास के बाद बच्ची का शव बरामद किया गया।
शव मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल था कि कुछ समय पहले तक घर के बाहर खेल रही बच्ची अब इस दुनिया में नहीं रही।
घटना के बाद घर में पसरा मातम
प्रीति की मौत की खबर से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तीन साल की मासूम की अचानक मौत से माता-पिता और अन्य परिजन बदहवास हो गए। घर में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचने लगे।
ग्रामीणों के मुताबिक, बच्ची बेहद छोटी थी और उसे इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा कि पानी से भरा गड्ढा कितना खतरनाक हो सकता है। खिलौना निकालने की कोशिश में वह हादसे का शिकार हो गई।
पुलिस को सूचना नहीं दी
घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि बच्ची की डूबने से मौत के बाद स्वजन ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। परिवार ने ग्रामीणों की मदद से बच्ची का शव बरामद किया और बाद में उसे नदी में प्रवाहित कर दिया।
पुलिस को सूचना नहीं देने के पीछे परिवार की अपनी परिस्थितियां रही होंगी, लेकिन इस कारण घटना से जुड़े आधिकारिक पहलुओं की जांच नहीं हो सकी। शव नदी में प्रवाहित किए जाने के कारण पोस्टमार्टम जैसी प्रक्रिया भी नहीं हो पाई।
हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत कार्रवाई की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना की परिस्थितियों को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह परिजनों और ग्रामीणों के स्तर से मिली जानकारी पर आधारित है।
पानी से भरे गड्ढे बने खतरा
इस हादसे ने घरों और आबादी के आसपास खुले तथा पानी से भरे गड्ढों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। बारिश के बाद कई जगह गड्ढों में पानी भर जाता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
गड्ढे की गहराई और पानी का स्तर ऊपर से साफ नजर नहीं आने की स्थिति में बच्चे आसानी से उसमें गिर सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में ऐसे खुले गड्ढों के आसपास सुरक्षा घेरा नहीं होने के कारण दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है।
प्रीति की घटना में भी बच्ची खेलने के दौरान गड्ढे तक पहुंच गई और खिलौना निकालने के प्रयास में पानी में गिर गई। ऐसे हादसों को रोकने के लिए बच्चों पर लगातार नजर रखने के साथ खुले गड्ढों को सुरक्षित करना भी जरूरी है।
मां के कुछ देर के लिए अंदर जाने के बाद हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार, बच्ची की मां घटना से पहले उसके पास ही मौजूद थीं। वह कुछ काम से थोड़ी देर के लिए घर के अंदर गईं। इसी दौरान बच्ची पानी के गड्ढे के पास चली गई।
इससे यह भी पता चलता है कि छोटे बच्चों के आसपास मौजूद पानी के स्रोत कितने जोखिम भरे हो सकते हैं। कुछ ही मिनटों के अंतराल में बच्ची गड्ढे तक पहुंच गई और हादसा हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने और खुले गड्ढों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करना जरूरी है।
परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
तीन साल की प्रीति की मौत ने परिवार की खुशियां छीन लीं। माता-पिता के लिए यह घटना जीवनभर का गहरा दुख बन गई है। बच्ची के साथ हुई दुर्घटना की खबर सुनकर गांव के लोगों में भी शोक का माहौल है।
जिस समय बच्ची खेल रही थी, उस समय परिवार को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में ऐसा हादसा हो जाएगा। खिलौना निकालने के लिए उठाया गया एक छोटा सा कदम उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।
लोगों ने जताया दुख
घटना की जानकारी फैलने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में परिवार के घर पहुंचे। लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और बच्ची की मौत पर दुख जताया। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि पानी से भरे गड्ढों को बच्चों से दूर रखने के लिए सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे गड्ढों की पहचान कर उनके आसपास रोकथाम की व्यवस्था की जाए तो इस तरह के हादसों का खतरा कम किया जा सकता है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
प्रीति की मौत की घटना छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर संदेश देती है। घर के आसपास खुले गड्ढे, तालाब, नहर, नदी या पानी से भरे अन्य स्थान बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। खासकर खेलने की उम्र के बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है।
बारिश के मौसम में पानी से भरे गड्ढों को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। कई बार सामान्य नजर आने वाले गड्ढे अंदर से काफी गहरे होते हैं। ऐसे में माता-पिता और स्थानीय लोगों की सतर्कता महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल पनियरा थाना क्षेत्र के नरकटहा के छोटका टोला में हुई इस दर्दनाक घटना से परिवार सदमे में है। तीन वर्षीय प्रीति की खिलौना निकालने की कोशिश में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने तलाश के दौरान उसका शव बरामद किया, लेकिन स्वजन ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव को नदी में प्रवाहित कर दिया। घटना ने परिवार के साथ पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है।





