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उत्तर प्रदेश
असली रकम के बदले तीन गुना नकली नोट, पुलिसकर्मी भी निकले आरोपी
nidhi
6 Oct 2026 12:39 PM IST

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मेरठ में बड़े गिरोह का खुलासा
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में नकली नोटों के जरिए ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में भावनपुर थाने में तैनात दो सिपाहियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को असली रकम के बदले तीन गुना नकली नोट देने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में सिपाही आशीष और प्रसन्नचित, ज्ञानपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर साजिद, किनानगर निवासी फैजान और अभिषेक शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों सिपाहियों ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर यह गिरोह तैयार किया था और नकली नोटों के जरिए लोगों से ठगी की जा रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह सौ, दो सौ और पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियां तैयार करता था। गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट रखे जाते थे, जबकि बीच में नकली नोट या कागज लगाया जाता था। इससे पहली नजर में गड्डी असली दिखाई देती थी और आरोपी लोगों को आसानी से झांसे में ले लेते थे।
आरोपी संभावित शिकार को यह भरोसा दिलाते थे कि अगर वह उन्हें असली रकम देगा तो बदले में उसे तीन गुना रकम मिलेगी। इसी लालच में लोग आरोपियों के संपर्क में आते थे। इसके बाद कथित तौर पर नकली नोटों की गड्डी थमाकर ठगी की जाती थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और कितनी रकम बाजार में खपाई गई।
मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि गिरफ्तार लोगों में दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। जांच के दौरान आरोपियों ने कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी बताए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने कुछ पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन जब्त कर सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों से उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता साबित नहीं हुई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां तैयार किए जा रहे थे, गिरोह का नेटवर्क कितने जिलों तक फैला था और नोटों को बाजार में खपाने के लिए किन लोगों की मदद ली जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित सदस्यों की पहचान भी की जा रही है।
मामले में हिस्ट्रीशीटर की कथित भूमिका के साथ दो वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने विभाग में भी हलचल पैदा कर दी है। अधिकारियों की ओर से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। अगर किसी अन्य पुलिसकर्मी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल पांचों आरोपियों के खिलाफ नकली मुद्रा, धोखाधड़ी और संबंधित अपराधों को लेकर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस इस नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि गिरोह कब से सक्रिय था।
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