- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- गंगा में डूबे एक ही...
गंगा में डूबे एक ही परिवार के तीन सगे भाई, सर्च ऑपरेशन जारी

UP उत्तर प्रदेश: अमरोहा जिले में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके में शोक और हड़कंप मचा दिया। गजरौला थाना क्षेत्र स्थित तिगरी गंगा धाम में आयोजित एक मुंडन संस्कार के दौरान एक ही परिवार के तीन सगे भाई गंगा में डूब गए। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासन और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद अभी तक तीनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दानिशमंदान के निवासी मजदूर रामपाल के परिवार के साथ हुआ। रामपाल अपने पोते का मुंडन संस्कार मनाने के लिए पूरे परिवार के साथ गजरौला के प्रसिद्ध तिगरी गंगा धाम पहुंचे थे। मुंडन संस्कार की धार्मिक रस्में चल रही थीं कि रामपाल के तीन बेटे—ओंकार (25 वर्ष), बंटी (23 वर्ष) और अनुज (18 वर्ष)—गंगा में नहाने उतर गए।
परिजन बताते हैं कि काफी देर तक तीनों भाई गंगा से बाहर नहीं आए, जिससे चिंता बढ़ गई। परिवार के सदस्यों ने पहले खुद आसपास खोजने की कोशिश की, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गजरौला थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की मदद से गंगा में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया, लेकिन देर रात तक किसी का पता नहीं चल सका। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम भी सर्च अभियान में शामिल हुई और पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर खोज जारी रखी गई। हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों की मां शशिबाला का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने मीडिया से कहा, "मेरे तीनों बेटे एक साथ चले गए, हम सबके सपने, हमारा सहारा। अब कुछ नहीं बचा।" उनके दुख को देखकर आसपास के लोग भी भावुक हो गए।
सर्च ऑपरेशन को लेकर पुलिस ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव तेज होने के कारण राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो रहा है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षित रहें और खोज अभियान में शामिल अधिकारियों को सहयोग दें। गजरौला थाना क्षेत्र के स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर जुटे हुए हैं। कई लोग गंगा के किनारे मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना कर रहे हैं। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है ताकि कोई और हादसा न हो। राज्य और जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से खोज अभियान में पूरी ताकत लगा रहे हैं। गोताखोरों ने नदी के उफान वाले हिस्सों को भी छान मारा, लेकिन तेज बहाव और रात के समय की अंधेरी स्थिति के कारण कार्य कठिन बना हुआ है।
इस दुखद हादसे ने पूरे मोहल्ला दानिशमंदान और गजरौला के समुदाय को भी सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोग परिवार की मदद के लिए राहत सामग्री और समर्थन भेज रहे हैं। वहीं प्रशासन ने दुर्घटना के बाद मुंडन संस्कार जैसी धार्मिक गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपायों को कड़ा करने की बात कही है। हालांकि तीनों भाई की खोज अभी जारी है, लेकिन इस हादसे ने परिवार के लिए एक गहरा दुख और त्रासदी छोड़ दी है। प्रशासन ने गंगा धाम के आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग और अधिकारी इस समय पूरी ताकत से बचाव और खोज अभियान में जुटे हुए हैं। एनडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार गंगा में खोज कर रही है और आसपास के जलस्तर और बहाव की जानकारी ले रही है। यह हादसा परिवार और स्थानीय समुदाय के लिए अत्यंत दुखद और हृदयविदारक साबित हुआ है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि खोज अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक तीनों भाई नहीं मिल जाते। इस घटना ने धार्मिक कार्यक्रमों और गंगा घाटों पर सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर कर दिया है।





