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CSA के हजारों विद्यार्थियों को फिर मिली रेल किराया रियायत

उत्तर प्रदेश : कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को रेल यात्रा में 50 प्रतिशत किराया छूट देने की सुविधा दोबारा शुरू कर दी है। करीब 19 साल पहले बंद हुई इस व्यवस्था को अब फिर से लागू किया गया है, जिससे हजारों छात्रों को आर्थिक राहत मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह पहल छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए की गई है और इसका सबसे अधिक लाभ दूर-दराज के राज्यों से पढ़ाई करने आने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि प्रयागराज मंडल की ओर से इस सुविधा को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब वह स्वयं इस विश्वविद्यालय के छात्र थे, तब विद्यार्थियों को रेलवे टिकट पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी। कुलपति बनने के बाद उन्होंने इस व्यवस्था की जानकारी ली तो पता चला कि यह सुविधा कई वर्षों पहले बंद हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इसे दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया, जो अब सफल हो गया है।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि यह सुविधा लगभग 19 वर्ष पहले विभिन्न प्रशासनिक कारणों से बंद कर दी गई थी। अब नई व्यवस्था के तहत छात्र-छात्राएं वर्ष में दोनों सेमेस्टर समाप्त होने के बाद अपने गृह जनपद आने-जाने के लिए ट्रेन टिकट पर 50 प्रतिशत किराया छूट का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा शैक्षिक भ्रमण, शोध कार्य, प्रशिक्षण, विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और अन्य शैक्षणिक यात्राओं के दौरान भी यह रियायत उपलब्ध रहेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से छात्रों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा। विशेष रूप से वे विद्यार्थी, जो दूसरे राज्यों से कानपुर पढ़ाई करने आते हैं, उन्हें लंबी दूरी की यात्रा में काफी खर्च करना पड़ता था। अब आधे किराए में यात्रा की सुविधा मिलने से उनकी यात्रा अधिक किफायती हो जाएगी।
सीएसए विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, बिहार, झारखंड और अन्य कई राज्यों से छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। लंबी दूरी के कारण रेल यात्रा पर होने वाला खर्च कई परिवारों के लिए चुनौती बन जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा खर्च कम होने से विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय और घर के बीच आवागमन आसान होगा। कई बार अधिक किराया होने के कारण छात्र छुट्टियों में घर नहीं जा पाते थे या शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने से बचते थे। अब रेल किराए में छूट मिलने से वे बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर तरीके से भाग ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें। संबंधित विभाग की ओर से पात्र विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र या अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराई जाएंगी, ताकि उन्हें रेलवे की इस रियायत का लाभ आसानी से मिल सके।
छात्र संगठनों और विद्यार्थियों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस सुविधा को दोबारा शुरू करने की मांग की जा रही थी। अब इसके लागू होने से न केवल छात्रों की आर्थिक बचत होगी, बल्कि शिक्षा से जुड़े शोध, प्रशिक्षण और अन्य कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, भारतीय रेलवे और विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल को छात्र हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 19 वर्षों बाद दोबारा शुरू हुई यह सुविधा हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आई है और भविष्य में उनकी शिक्षा यात्रा को पहले की तुलना में अधिक सुगम और किफायती बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





