उत्तर प्रदेश

'सबका साथ, सबका विकास' की बात करने वालों ने मस्जिद नहीं, सीने पर चलाया बुलडोजर : वारिस पठान

SHIDDHANT
7 Sept 2026 10:14 PM IST
सबका साथ, सबका विकास की बात करने वालों ने मस्जिद नहीं, सीने पर चलाया बुलडोजर : वारिस पठान
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Saharanpur सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट में अवैध घोषित मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता वारिस पठान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करने वालों ने हमारी मस्जिद पर नहीं, हमारे सीने पर बुलडोजर चलाया है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि कुछ समय पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका में थे। वारिस पठान ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका में रहते हुए कहा था कि अगर भारत में कोई हिंदू, मुसलमानों के खिलाफ कुछ भी कहता है तो वह हिंदू नहीं है। अब इसका असर देखिए, इसीलिए मैं कहता हूं कि उनके कहने और करने में बहुत बड़ा अंतर है। विश्व हिंदू परिषद उनकी ही एक शाखा है, जिसके द्वारा नवरात्रि के दौरान मुसलमानों के लिए तरह-तरह के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अब आदेश जारी किया गया है कि मुसलमान नवरात्रि में शामिल नहीं हो सकते, उन्हें तिलक लगाना होगा और अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।
एआईएमआईएम नेता ने पूछा कि राष्ट्रवाद और देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वाले आप कौन होते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकारों में केवल नफरत बांटी जा रही है।
सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह 'सबका साथ, सबका विकास' की बात कर रहे हैं। 30 साल से लोग जहां नमाज पढ़ रहे थे, उसे गिरा दिया गया। भाजपा के लोग संविधान को नहीं मानते हैं। यह मस्जिद पर नहीं, बल्कि हमारे सीने पर बुलडोजर चलाया गया है।
वारिस पठान ने कहा कि हम लोगों ने टीपू सुल्तान के बारे में इतिहास पढ़ा है। इतिहास बताता है कि उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपनी जान गंवा दी। अभिनेता संजय दत्त के मराठी वाले बयान पर वारिस पठान ने कहा कि यह जन्माष्टमी का कार्यक्रम प्रताप सरनाईक का था, जो महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं। मराठी भाषा को लेकर वे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं कि हम मराठी भाषा का सम्मान और आदर करते हैं। यह बोलने के लिए एक अ च्छी भाषा है। मैं भी मराठी बोलता हूं, पढ़ता हूं और लिखता हूं। लेकिन, किसी को बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई सीख नहीं पाया है तो उसे समय देना चाहिए। अब उनके सामने संजय दत्त ने मराठी बोलने से इनकार कर दिया। जब एक बड़े अभिनेता ने मंच से यह बात कही, तो वे केवल हंसते रहे और बैठे रहे।
उन्होंने कहा कि मैं मंत्री सरनाईक को चुनौती देता हूं कि वह बॉलीवुड के उन बड़े स्टार्स से, जो उनके दोस्त भी हैं, जानबूझकर मराठी में बात करने के लिए कहें और देखें। उद्योगपतियों से भी उनकी दोस्ती है, उनसे मराठी में बोलकर दिखाएं। सरकार के मंत्री अपना जुल्म सिर्फ ऑटो चालकों पर ही दिखाते हैं।
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