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Ballia का यह आदर्श सरकारी स्कूल शिक्षा के साथ अनुशासन भी सिखा रहा

बलिया: सरकारी स्कूलों में यदि बच्चों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, प्रभावशाली शिक्षण पद्धति और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, तो न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर हो सकती है, बल्कि शिक्षा की नींव भी मजबूत हो सकती है। इसी सोच को साकार करता है शिक्षा क्षेत्र रेवती के अंतर्गत स्थित कम्पोजिट विद्यालय टोला गंगा पाण्डेय, जो न केवल ज्ञान दे रहा है, बल्कि बच्चों को अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ा रहा है।
स्वच्छ वातावरण और अनुशासित शैक्षणिक माहौल से भरपूर इस विद्यालय में वर्तमान में 180 छात्र पंजीकृत हैं, जिन्हें 10 शिक्षक (6 अध्यापक, 3 अनुदेशक और 1 शिक्षामित्र) शिक्षित कर रहे हैं। यहां के बच्चों ने बीते वर्षों में नवोदय परीक्षा में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विद्यालय की प्रार्थना सभा में पीटी और परेड जैसी गतिविधियों को शामिल कर छात्रों में देशभक्ति और अनुशासन की भावना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पूर्व सैनिक एवं शिक्षक रजनीश कुमार चौबे का मानना है कि शिक्षकों की जिम्मेदारी सिर्फ ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें छात्रों में देशभक्ति और चरित्र निर्माण की भावना भी भरनी चाहिए। उन्होंने कहा, “शिक्षा और अनुशासन ही समाज के उत्थान का मूल आधार हैं। स्कूलों में अनुशासन छात्रों को न केवल नियम पालन और समय प्रबंधन सिखाता है, बल्कि दूसरों के प्रति सम्मान की भावना भी विकसित करता है।”
प्रधानाध्यापक संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि एक दिन इस विद्यालय में छात्रों की संख्या 500 से अधिक हो। उन्होंने बताया कि शिक्षक नियमित रूप से क्षेत्र में अभिभावकों से संपर्क कर शिक्षा के प्रति जागरूकता और नामांकन को लेकर प्रयासरत हैं। विद्यालय में तैनात सभी शिक्षक छात्रों के साथ सकारात्मक, सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार रखते हैं, जिससे एक प्रेरणादायी वातावरण बनता है।
यह विद्यालय उदाहरण है कि जब शिक्षक समर्पण के साथ कार्य करें और शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दी जाए, तो सरकारी स्कूल भी गुणवत्ता, अनुशासन और प्रेरणा का केंद्र बन सकते हैं।





