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राममंदिर के चढ़ावे की चोरी का ऐसे खुला राज, बाथरूम से मिले 2.25 लाख रुपये

अयोध्या। राममंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस की चार्जशीट से घटनाक्रम की कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। चढ़ावे की गणना के दौरान रुपये चोरी किए जाने की जानकारी सबसे पहले एक गणना कर्मी ने दी थी। उसने कथित चोरी से संबंधित वीडियो रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपतराय को मोबाइल पर भेजा था। इसके बाद गणना कक्ष की जांच कराई गई तो बाथरूम से दो लाख 25 हजार रुपये बरामद किए गए।
चार्जशीट में दर्ज घटनाक्रम के अनुसार मामला चार जून का है। उस समय चंपतराय दिल्ली से ट्रेन के जरिए अयोध्या आ रहे थे। राममंदिर के चढ़ावे की चोरी का ऐसे खुला राज, बाथरूम से मिले 2.25 लाख रुपयेइसी दौरान एक गणना कर्मी ने उनके मोबाइल पर एक वीडियो भेजकर राममंदिर के चढ़ावे की गणना के दौरान कथित रूप से रुपये चोरी किए जाने की जानकारी दी। वीडियो मिलने के बाद मामला तत्काल गंभीर हो गया और गणना कक्ष में जांच कराने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद गणना कक्ष और आसपास के स्थानों की चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान बाथरूम की तलाशी लेने पर वहां से दो लाख 25 हजार रुपये मिले। इतनी बड़ी रकम बाथरूम में मिलने के बाद चोरी की आशंका और गहरा गई। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई और मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस की चार्जशीट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि चोरी का मामला सामने आने की शुरुआत एक गणना कर्मी द्वारा बनाए गए वीडियो से हुई। अगर यह वीडियो सामने नहीं आता तो चढ़ावे की रकम गायब होने का मामला तत्काल पकड़ में आता या नहीं, इसे लेकर भी सवाल उठे। वीडियो मिलने के बाद ही गणना स्थल पर तत्काल चेकिंग की गई और बाथरूम में रखी रकम बरामद हुई।
राममंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और नकदी समेत विभिन्न माध्यमों से चढ़ावा अर्पित करते हैं। मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की निर्धारित व्यवस्था के तहत गणना की जाती है। ऐसे में गणना के दौरान रकम चोरी होने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता बढ़ गई।
पुलिस ने जांच के दौरान घटना से जुड़े लोगों की भूमिका, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। चार्जशीट में पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से दर्ज किया है। इसमें बताया गया है कि सूचना किस तरह ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी तक पहुंची और उसके बाद रकम कहां से बरामद हुई।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वह वीडियो बताया जा रहा है, जिसे गणना कर्मी ने अपने मोबाइल से भेजा था। इसी वीडियो के आधार पर चढ़ावे की रकम से जुड़ी गड़बड़ी की जानकारी सामने आई। सूचना मिलने के बाद जब संबंधित स्थानों की जांच की गई तो बाथरूम में छिपाकर रखे गए दो लाख 25 हजार रुपये मिले। बरामद रकम को बाद में मामले की जांच से जोड़ते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
चार्जशीट से यह भी स्पष्ट होता है कि घटना अचानक सामने नहीं आई, बल्कि गणना के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर नजर पड़ने के बाद इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बाद तत्काल की गई जांच में नकदी बरामद होने से पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिला।
चढ़ावे की रकम से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने इससे संबंधित साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया। गणना कक्ष में मौजूद लोगों और घटना के समय की परिस्थितियों के आधार पर यह समझने की कोशिश की गई कि रकम वहां से कैसे निकाली गई और बाद में बाथरूम तक कैसे पहुंची। जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो इस पूरी कार्रवाई में अहम साक्ष्य बना।
पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और घटनाक्रम का विवरण अदालत के सामने रखा गया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चलेगी और चार्जशीट में लगाए गए आरोपों तथा प्रस्तुत साक्ष्यों पर न्यायिक परीक्षण होगा।
इस पूरे मामले में चार जून का घटनाक्रम अहम है। दिल्ली से अयोध्या लौट रहे चंपतराय को मोबाइल पर वीडियो मिलने से शुरू हुई कार्रवाई गणना कक्ष की तलाशी तक पहुंची और बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने इसके बाद मामले की विस्तृत जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए और चार्जशीट तैयार की।
राममंदिर के चढ़ावे से जुड़ा होने के कारण यह मामला संवेदनशील भी माना जा रहा है। श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित राशि की गणना और सुरक्षा को लेकर निर्धारित व्यवस्था के बीच चोरी का मामला सामने आने के बाद निगरानी की प्रक्रिया भी चर्चा में आई। फिलहाल पुलिस की चार्जशीट में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला अदालत में पहुंच चुका है। अब आरोपों और साक्ष्यों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।





