उत्तर प्रदेश

हाईवे पर लगेगी तीसरी आंख, ₹50 करोड़ से बदल जाएगी सुरक्षा व्यवस्था

Saba Naaz
14 July 2026 8:46 PM IST
हाईवे पर लगेगी तीसरी आंख, ₹50 करोड़ से बदल जाएगी सुरक्षा व्यवस्था
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मुरादाबाद। मुरादाबाद-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग अब आधुनिक निगरानी प्रणाली से लैस होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस हाईवे को हाईटेक बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग पर 150 स्वदेशी अत्याधुनिक स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

इस परियोजना के तहत हाईवे के 121 किलोमीटर हिस्से पर कैमरे लगाने के लिए फाउंडेशन तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कैमरों को जोड़ने के लिए 1.26 लाख मीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है।

एनएचएआई के इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड इंफोर्समेंट सिस्टम (VIDES) कैमरे हैं। हाईवे पर कुल 22 ऐसे अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान खुद कर सकेंगे।

ये स्मार्ट कैमरे तेज गति से चलने वाले वाहनों, गलत लेन में चलने वाले वाहनों और अन्य नियम तोड़ने वालों पर नजर रखेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कैमरे स्वत: ई-चालान तैयार करेंगे और इसकी जानकारी ट्रैफिक पुलिस को भेजी जाएगी। इसके बाद पुलिस वाहन मालिक को चालान भेजेगी।

अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट कैमरों की मदद से हाईवे पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। इससे वाहन चालकों में यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

मुरादाबाद-बरेली हाईवे को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस हाईवे पर बड़ी संख्या में छोटे और बड़े वाहन चलते हैं, ऐसे में बेहतर निगरानी व्यवस्था से दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना के तहत हापुड़ से बरेली तक करीब 221 किलोमीटर लंबे हाईवे को निगरानी नेटवर्क के दायरे में लाने की योजना है। इससे हाईवे के महत्वपूर्ण हिस्सों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी।

स्मार्ट कैमरों के अलावा हाईवे पर यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अन्य तकनीकी सुविधाओं को भी जोड़ा जा सकता है। इससे दुर्घटना, वाहन खराब होने या किसी अन्य आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा प्रभावी हो जाएगी। कैमरों के जरिए मिलने वाली रियल टाइम जानकारी से ट्रैफिक प्रबंधन आसान होगा और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तेज हो सकेगी।

हाईवे को स्मार्ट बनाने की यह पहल केंद्र सरकार की सड़क सुरक्षा और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है। आने वाले समय में देश के अन्य प्रमुख राजमार्गों पर भी इसी तरह की आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है।

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