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वाराणसी। मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के भिखारीपुर में चोरों ने पुलिस पिकेट के सामने स्थित एक पान भंडार और जनरल स्टोर को निशाना बनाकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। गुरुवार देर रात दुकान बंद होने के बाद चोर टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हुए और नकदी समेत हजारों रुपये का सामान लेकर फरार हो गए। शुक्रवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे दुकानदार को घटना की जानकारी हुई।
भिखारीपुर त्रिमुहानी पर नंदलाल पान भंडार के नाम से पान और जनरल स्टोर की दुकान संचालित होती है। दुकानदार के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 11 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। उस समय दुकान के आसपास सब कुछ सामान्य था। शुक्रवार सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर सामान बिखरा हुआ देखकर हैरान रह गए।
दुकानदार ने दुकान के भीतर जाकर देखा तो कई सामान अपनी जगह पर नहीं थे। नकदी रखने वाला स्थान भी खाली मिला। इसके बाद दुकान की छत और टीन शेड की जांच करने पर पता चला कि चोरों ने उसे काटकर अंदर प्रवेश किया था। चोरी करने के बाद आरोपी उसी रास्ते से बाहर निकले होने की आशंका जताई जा रही है।
पीड़ित दुकानदार के अनुसार, चोर दुकान में रखी नकदी के साथ पान मसाला, सिगरेट, किराना सामग्री और अन्य सामान अपने साथ ले गए। चोरी हुए सामान की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान में नुकसान हजारों रुपये का बताया गया है। सही कीमत स्टॉक और बिक्री से संबंधित हिसाब का मिलान होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दुकान पुलिस पिकेट के सामने स्थित बताई जा रही है। इसके बावजूद चोरों ने बिना किसी डर के टीन शेड काटा और दुकान के भीतर चोरी की। घटना सामने आने के बाद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भिखारीपुर त्रिमुहानी पर दिन और रात वाहनों एवं लोगों की आवाजाही बनी रहती है। यह क्षेत्र कई रास्तों को जोड़ता है और आसपास बड़ी संख्या में दुकानें हैं। ऐसे व्यस्त स्थान पर चोरी होने से व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि यदि पुलिस पिकेट के सामने स्थित प्रतिष्ठान सुरक्षित नहीं है तो अन्य दुकानों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा है।
पीड़ित दुकानदार ने घटना की सूचना संबंधित थाने को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस से घटनास्थल का निरीक्षण करने और चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने की मांग की गई। दुकान में चोर किस समय दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देने में कितने लोग शामिल थे, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता की जानकारी जुटाई जा सकती है। मुख्य सड़क, आसपास के प्रतिष्ठानों और आवागमन वाले रास्तों की फुटेज घटना की कड़ियां जोड़ने में सहायक हो सकती है। इससे यह पता चल सकता है कि संदिग्ध किस दिशा से आए और चोरी के बाद किस तरफ भागे।
टीन शेड काटकर दुकान में प्रवेश करने से आशंका है कि आरोपियों ने पहले से प्रतिष्ठान की स्थिति का जायजा लिया होगा। उन्हें दुकान बंद होने के समय और अंदर रखे सामान की जानकारी हो सकती है। हालांकि यह केवल प्रारंभिक आशंका है और वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
दुकानदारों ने रात में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार और त्रिमुहानी के आसपास पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी जरूरी है। रात में दुकानें बंद होने के बाद क्षेत्र में संदिग्ध लोगों तथा वाहनों की जांच की जाए तो चोरी जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों और व्यस्त कारोबारी दिनों में दुकानों में अधिक सामान रखा रहता है। ऐसे समय चोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर मजबूत ताले, अलार्म और सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत बताई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों के बावजूद पुलिस की नियमित गश्त आवश्यक है।
पान भंडार और जनरल स्टोर जैसे छोटे प्रतिष्ठानों में दिनभर की कमाई तथा सामान सीमित स्थान में रखा जाता है। चोरी होने पर दुकानदार को सीधे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सामान की भरपाई करने और दुकान दोबारा सामान्य रूप से चलाने में कई दिन लग सकते हैं। पीड़ित दुकानदार ने चोरी हुए सामान को जल्द बरामद करने की मांग की है।
घटना ने पुलिस पिकेट की प्रभावशीलता पर भी प्रश्न खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने यह जानने की मांग की है कि वारदात के समय पिकेट पर पुलिसकर्मी मौजूद थे या नहीं। अगर मौजूद थे तो टीन शेड काटने की आवाज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी क्यों नहीं हो सकी। इन प्रश्नों का उत्तर संबंधित अधिकारियों की पड़ताल के बाद ही मिल पाएगा।
चोरों ने जिस तरीके से टीन शेड काटा उससे यह संकेत मिलता है कि उन्होंने दुकान का दरवाजा या ताला तोड़ने के बजाय कम दिखाई देने वाला रास्ता चुना। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों को वारदात की भनक नहीं लग सकी होगी। दुकान के अंदर पहुंचने के बाद आरोपियों ने नकदी और आसानी से ले जाए जा सकने वाले सामान को निशाना बनाया।
पुलिस के सामने अब घटनास्थल से संभावित साक्ष्य एकत्र करने, आसपास के लोगों से पूछताछ करने और पुराने चोरी के मामलों में शामिल आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने की चुनौती है। रात के समय क्षेत्र में घूमने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों की जानकारी भी घटना के खुलासे में मददगार हो सकती है।
व्यापारियों ने बाजार क्षेत्र में पुलिस की रात्रि गश्त का समय बढ़ाने और पिकेट पर तैनात कर्मचारियों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस घटना का शीघ्र खुलासा नहीं हुआ तो अपराधियों का हौसला बढ़ सकता है और आसपास की दूसरी दुकानें भी निशाना बन सकती हैं।
फिलहाल चोरी हुए सामान और नकदी की कुल कीमत का आकलन किया जा रहा है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पिकेट के ठीक सामने हुई इस चोरी ने स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।





