उत्तर प्रदेश

होटल-रेस्टोरेंट में वेज-नॉनवेज की अलग होगी रसोई, 1 नवंबर से सख्ती

Kavita2
25 Sept 2026 9:54 AM IST
होटल-रेस्टोरेंट में वेज-नॉनवेज की अलग होगी रसोई, 1 नवंबर से सख्ती
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की तैयारी में घालमेल नहीं कर सकेंगे। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होटल-रेस्टोरेंट में वेज और नॉनवेज भोजन के लिए अलग-अलग रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की तैयारी है। कच्चे माल से लेकर खाना तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कटिंग बोर्ड, चाकू और बर्तन तक अलग रखने होंगे। नई व्यवस्था का प्रदेश में एक नवंबर से सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों को शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को तैयार करने और रखने के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी। इसका उद्देश्य दोनों प्रकार के भोजन को तैयार करने के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आने से रोकना और उपभोक्ताओं को उनके द्वारा चुने गए भोजन की प्रकृति के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।

होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कच्चे खाद्य पदार्थों के भंडारण में भी विशेष सावधानी बरतनी होगी। सब्जियों और दूसरे शाकाहारी कच्चे माल को मांस, पोल्ट्री और समुद्री उत्पादों से अलग रखना होगा। इनके लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित करना होगा, ताकि स्टोरेज के दौरान भी किसी तरह का क्रॉस-कंटैमिनेशन न हो। रेफ्रिजरेटर या कोल्ड स्टोरेज के इस्तेमाल में भी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।

खाना तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाएगी। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग-अलग कटिंग बोर्ड, चाकू और बर्तन इस्तेमाल करने होंगे। जिस उपकरण का इस्तेमाल मांसाहारी खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए किया गया है, उसका उपयोग शाकाहारी भोजन बनाने में नहीं किया जा सकेगा। इससे भोजन की शुद्धता बनाए रखने के साथ खाद्य सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम होटल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर सकती है। निरीक्षण के दौरान रसोई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, खाना तैयार करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल होने वाले बर्तनों एवं उपकरणों की व्यवस्था की जांच की जाएगी। यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं मिला तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

प्रदेश में यह व्यवस्था एक नवंबर से सख्ती से लागू कराने की तैयारी है। ऐसे में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को इससे पहले अपनी रसोई और स्टोरेज व्यवस्था में जरूरी बदलाव करने होंगे। जिन प्रतिष्ठानों में अभी एक ही स्थान पर शाकाहारी और मांसाहारी भोजन तैयार किया जाता है, उन्हें दोनों के लिए अलग व्यवस्था करनी पड़ेगी। इसी तरह कच्चे माल को रखने से लेकर भोजन परोसने तक सावधानी बरतनी होगी।

नई व्यवस्था खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण होगी, जो पूरी तरह शाकाहारी भोजन करते हैं और होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाते समय इस बात को लेकर आशंकित रहते हैं कि उनके भोजन को तैयार करने वाले बर्तन या उपकरण पहले मांसाहारी खाद्य पदार्थों के लिए इस्तेमाल तो नहीं किए गए। अलग रसोई और अलग उपकरणों की व्यवस्था से ऐसे ग्राहकों को भोजन के संबंध में अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।

खाद्य सुरक्षा के लिहाज से भी शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों को अलग रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। कच्चे मांस, पोल्ट्री और समुद्री उत्पादों को दूसरे खाद्य पदार्थों से अलग रखने से बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्वों के फैलने का जोखिम कम किया जा सकता है। खास तौर पर कच्चे मांस के संपर्क में आने वाले चाकू, कटिंग बोर्ड और दूसरे उपकरण यदि ठीक तरीके से साफ किए बिना दूसरे भोजन के लिए इस्तेमाल किए जाएं तो क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है।

होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करना जरूरी हो सकता है। रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री के लिए निर्धारित बर्तन और उपकरण आपस में न मिलें। इसके अलावा सफाई और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के मानकों का भी पालन करना होगा।

बड़े होटल और रेस्टोरेंट में अलग-अलग सेक्शन की व्यवस्था करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, लेकिन सीमित जगह में संचालित छोटे प्रतिष्ठानों को नई व्यवस्था लागू करने के लिए अपनी मौजूदा रसोई में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसे प्रतिष्ठानों को एक नवंबर से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करनी होंगी, ताकि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन न मिले।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। उन्हें यह देखना होगा कि केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि रसोई में वास्तविक रूप से शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखा जा रहा है या नहीं। कटिंग बोर्ड, चाकू, बर्तन, कच्चे माल और तैयार भोजन के भंडारण की व्यवस्था भी जांच के दायरे में रहेगी।

एक नवंबर से प्रस्तावित सख्ती के बाद होटल और रेस्टोरेंट कारोबार में भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नियमों का उद्देश्य ग्राहकों को उनके चयन के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है। निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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