उत्तर प्रदेश

प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया गया अनुज बरसाना में मिला

Kavita2
4 Oct 2026 9:10 AM IST
प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया गया अनुज बरसाना में मिला
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हाथरस। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता बताया जा रहा हाथरस के सादाबाद का 16 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी सकुशल मिल गया है। हाथरस पुलिस ने अनुज को बरसाना स्थित एक आश्रम से बरामद किया है। किशोर के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। फिलहाल पुलिस अनुज से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह वृंदावन से बरसाना कैसे पहुंचा और इस दौरान कहां-कहां रहा।

अनुज चौधरी के लापता होने के बाद उसके परिवार के लोग काफी परेशान थे। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। परिवार का कहना था कि अनुज का कोई पता नहीं चल रहा है और उसे जल्द से जल्द तलाश किया जाए। मामला सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और परिजनों को किशोर की खोजबीन का भरोसा दिलाया।

पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों को समझाया कि अनुज की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद किशोर की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान अनुज के बरसाना में होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने वहां पहुंचकर खोजबीन की तो वह एक आश्रम में सकुशल मिल गया।

अनुज के मिलने के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। उससे यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वह घर से निकलने के बाद कहां गया था, वृंदावन कैसे पहुंचा और इसके बाद बरसाना जाने की क्या वजह थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वह बरसाना के आश्रम में कब से रह रहा था और वहां तक पहुंचने में किसी ने उसकी मदद की थी या वह स्वयं वहां पहुंचा था।

किशोर के बयान के बाद ही उसके लापता होने की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होने की उम्मीद है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उसके गायब होने के पीछे किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका थी। पुलिस की पूछताछ पूरी होने के बाद मामले में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

इस बीच अनुज का मामला सामने आने के बाद वृंदावन स्थित राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर दूसरे परिवारों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। कई परिवार अपने बच्चों के लापता होने का दावा करते हुए यहां पहुंच रहे हैं। वे प्रशासन और पुलिस से अपने बच्चों को तलाश कर सकुशल वापस लाने की मांग कर रहे हैं।

शनिवार को कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस के रहने वाले किशोरों के परिजन भी आश्रम के बाहर पहुंचे। इन परिवारों का कहना है कि उनके बच्चे लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है। परिजनों ने बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग उठाई। अलग-अलग स्थानों से परिवारों के पहुंचने के कारण मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

हालांकि, इन परिवारों के दावों और आश्रम के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिवारों की ओर से बच्चों के गायब होने की बात कही जा रही है, लेकिन प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित किशोर कहां गए और उनके लापता होने के पीछे क्या कारण रहे।

अनुज चौधरी की बरामदगी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। उसके बयान से यह पता चल सकता है कि वह वृंदावन में कितने समय तक रहा और बरसाना कैसे पहुंचा। पुलिस उसके संपर्क में आए लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है। जरूरत पड़ने पर उसके बताए स्थानों और लोगों के संबंध में भी जांच की जा सकती है।

अनुज के परिवार ने उसके लापता होने के बाद जिस तरह आश्रम के बाहर धरना दिया था, उसके कारण मामला तेजी से चर्चा में आया था। पुलिस ने परिवार को भरोसा दिलाया था कि किशोर को तलाशने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब उसके सकुशल मिलने के बाद परिवार की सबसे बड़ी चिंता खत्म हो गई है।

दूसरी ओर, अन्य लापता किशोरों के परिवारों की चिंता अभी बरकरार है। कासगंज, महाराष्ट्र और बड़ी आटस से पहुंचे परिवार अपने बच्चों की तलाश में मदद चाहते हैं। उनकी मांग है कि पुलिस उपलब्ध सुरागों के आधार पर खोजबीन तेज करे और बच्चों का पता लगाए।

फिलहाल पुलिस का ध्यान अनुज चौधरी से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम को समझने पर है। उसके बयान से ही यह साफ हो पाएगा कि वह किन परिस्थितियों में बरसाना पहुंचा था। साथ ही अन्य परिवारों द्वारा किए गए दावों की अलग-अलग जांच आवश्यक होगी। अनुज के सुरक्षित मिलने से एक परिवार को राहत जरूर मिली है, लेकिन आश्रम के बाहर अपने लापता बच्चों की तलाश में पहुंच रहे दूसरे परिवारों की उम्मीदें अब पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी हैं।

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