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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 और अंतरिम बजट से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार एक और अनुपूरक बजट लाने की तैयारी कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त विभाग को इसकी प्रारंभिक तैयारियों के संकेत दिए जा चुके हैं। सरकार मौजूदा योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने के साथ कुछ नई घोषणाओं के लिए भी इस अनुपूरक बजट के जरिए वित्तीय व्यवस्था कर सकती है।
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त में 59,019 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया था। इसके बाद राज्य के बजट का कुल आकार 9.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया था। अब चुनाव से पहले एक और अनुपूरक बजट की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से नए अनुपूरक बजट के आकार या उसे पेश करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
नए अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा नजर महिलाओं से जुड़ी संभावित योजनाओं पर रहने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से करीब 40 हजार रुपये की सहायता देकर उन्हें अपना कारोबार शुरू करने में मदद करने वाली योजना पर आगे बढ़ सकती है। अगर इस तरह की योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो उसके लिए बड़ी धनराशि की आवश्यकता होगी और इसका प्रावधान अनुपूरक बजट में किया जा सकता है। फिलहाल यह प्रस्तावित संभावना है और योजना की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना चुनाव से पहले सरकार की महत्वपूर्ण घोषणाओं में शामिल हो सकती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने का अवसर देना हो सकता है। सहायता किन महिलाओं को मिलेगी, पात्रता क्या होगी, पैसा एकमुश्त मिलेगा या अलग-अलग चरणों में दिया जाएगा और लाभार्थियों की संख्या कितनी होगी, इन बिंदुओं पर अभी आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश के मौजूदा बजट में पहले से ही महिला एवं बाल विकास की योजनाओं के लिए करीब 18,620 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 3,500 करोड़ और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था शामिल है। ऐसे में नई स्वरोजगार सहायता योजना को मंजूरी मिलने पर महिला केंद्रित योजनाओं पर सरकार का खर्च और बढ़ सकता है।
अनुपूरक बजट की जरूरत उस समय पड़ती है, जब वित्तीय वर्ष के दौरान पहले से स्वीकृत बजट के अतिरिक्त किसी योजना, परियोजना या नई घोषणा के लिए और धन की आवश्यकता होती है। चुनावी वर्ष में सरकार के सामने पहले से चल रही विकास परियोजनाओं को पूरा करने के साथ नई योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की चुनौती भी रहेगी।
महिलाओं के अलावा युवाओं से संबंधित कुछ घोषणाओं के लिए भी अतिरिक्त बजट की व्यवस्था किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही स्कूटी वितरण जैसी योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किए जाने की चर्चा है। हालांकि इन संभावित प्रावधानों पर सरकार की औपचारिक मंजूरी और बजट दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इससे पहले अगस्त में पेश किए गए अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, कृषि, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे सहित कई क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान किया गया था। ग्रामीण विकास विभाग के लिए ही 17,942 करोड़ रुपये की राशि रखी गई थी।
अब विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ सरकार की प्राथमिकताओं में उन योजनाओं को पर्याप्त बजट देना भी शामिल हो सकता है, जिनका सीधा संबंध आम लोगों से है। महिलाओं, युवाओं और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर खास ध्यान दिए जाने की संभावना इसी संदर्भ में देखी जा रही है।
यदि महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना लागू होती है तो सरकार को लाभार्थियों की संख्या के आधार पर बड़ी राशि की व्यवस्था करनी होगी। उदाहरण के लिए लाभार्थियों की संख्या लाखों में होने पर योजना का वित्तीय भार हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में अनुपूरक बजट इसके लिए वित्तीय आधार तैयार करने का माध्यम बन सकता है।
प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले सरकार को अंतरिम बजट भी पेश करना होगा। इसी कारण संभावित अनुपूरक बजट को चुनाव से पहले विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन किन योजनाओं को इसमें जगह मिलेगी और कितना धन आवंटित किया जाएगा, इसका अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर होना बाकी है।
अब निगाह वित्त विभाग की तैयारियों और सरकार के अगले कदम पर है। अगर अनुपूरक बजट लाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसमें महिलाओं के स्वरोजगार, युवाओं से जुड़ी योजनाओं और पहले से चल रही प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था सामने आ सकती है। फिलहाल 40 हजार रुपये की महिला सहायता समेत प्रस्तावित योजनाओं की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।





