उत्तर प्रदेश

गंगा का जलस्तर घटा मंदिर से उतरने लगा पानी

Kavita2
6 Sept 2026 11:21 AM IST
गंगा का जलस्तर घटा मंदिर से उतरने लगा पानी
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वाराणसी। गंगा नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद नदी अब वापसी की ओर है। हालांकि, बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण जलस्तर घटने की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है। इसके बावजूद राहत की बात यह है कि बाढ़ का पानी अब शीतला माता मंदिर की छत से नीचे उतरने लगा है।

मंदिर में पानी कम होने के साथ ही श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन में उम्मीद जगी है कि जल्द ही मंदिर परिसर सामान्य स्थिति में लौट आएगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गंगा का पानी पूरी तरह मंदिर से बाहर निकल जाएगा और इसके बाद नियमित पूजा-पाठ की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकेगी।

मंदिर की छत से नीचे उतर रहा पानी

गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण शीतला माता मंदिर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था। स्थिति यह थी कि मंदिर की छत तक पानी पहुंच गया था। अब नदी का जलस्तर घटने के बाद पानी धीरे-धीरे नीचे आने लगा है।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पानी कम होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही मंदिर परिसर पूरी तरह खाली होने की संभावना है। हालांकि, प्रशासन और मंदिर प्रबंधन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

दस दिन में पानी पूरी तरह निकलने की उम्मीद

मंदिर प्रबंधन का अनुमान है कि यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही तो करीब दस दिनों के भीतर मंदिर से पानी पूरी तरह निकल सकता है।

पानी निकलने के बाद मंदिर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और पूजा की व्यवस्था फिर से शुरू करने की तैयारी है।

दोबारा स्थापित होगा चल विग्रह

बाढ़ के दौरान मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चल विग्रह को सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। अब जलस्तर कम होने के बाद मंदिर प्रबंधन चल विग्रह को दोबारा स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।

चल विग्रह की स्थापना के बाद मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना का क्रम फिर से शुरू होगा। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि धार्मिक गतिविधियों को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

बारिश से जलस्तर पर पड़ सकता है असर

हालांकि गंगा का पानी घट रहा है, लेकिन मौसम की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश होने पर जलस्तर फिर बढ़ सकता है, जबकि मौसम साफ रहने पर पानी तेजी से कम होने की संभावना है।

श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल

मंदिर से पानी कम होने की खबर के बाद श्रद्धालुओं में खुशी है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मंदिर में सामान्य पूजा-पाठ शुरू हो जाएगा और वे फिर से दर्शन कर सकेंगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के कारण धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं, लेकिन अब स्थिति सुधरने लगी है।

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन अलर्ट

गंगा के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन लगातार निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।

मंदिर परिसर में पानी पूरी तरह निकलने के बाद नुकसान का आकलन भी किया जाएगा। इसके आधार पर जरूरी मरम्मत और व्यवस्थाओं को पूरा किया जाएगा।

जल्द लौटेगी मंदिर की रौनक

बाढ़ के कारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुई मंदिर की व्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। जलस्तर में कमी आने के साथ ही मंदिर में फिर से श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर घटने से राहत जरूर मिली है, लेकिन बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क बना हुआ है। आने वाले दिनों में जलस्तर की स्थिति तय करेगी कि मंदिर में पूजा और दर्शन की व्यवस्था कितनी जल्दी पूरी तरह बहाल हो पाती है।

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