उत्तर प्रदेश

पीड़िता ने इंसाफ की लगाई गुहार

Ratna Netam
27 Jun 2026 3:32 PM IST
पीड़िता ने इंसाफ की लगाई गुहार
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डॉक्टर पर गंभीर आरोप,

Meerut मेरठ : जागृति विहार निवासी एक युवती ने मेरठ मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर करीब दस वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया, कई बार गर्भपात कराया, दहेज की मांग की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंची और मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में पेट के संक्रमण के इलाज के लिए वह Lala Lajpat Rai Memorial Medical College में गई थी, जहां उसकी मुलाकात एमबीबीएस छात्र आकाशदीप से हुई। इलाज के दौरान बातचीत बढ़ी और बाद में दोनों के बीच संबंध बन गए। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने शादी का वादा किया और कोर्ट मैरिज का भरोसा देकर उसे किराये के मकान में अपने साथ रखा।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। वर्ष 2019 में पहली बार गर्भवती होने पर आरोपी ने अपने परिजनों की मदद से मुजफ्फरनगर में गर्भपात कराया। इसके बाद भी वह शादी का आश्वासन देता रहा और कई बार गर्भ ठहरने के बाद भी कथित रूप से गर्भपात कराए गए।

पीड़िता का आरोप है कि जब भी वह शादी की बात करती थी, आरोपी उसके साथ मारपीट करता था। उसने अप्राकृतिक यौन शोषण, गाली-गलौज और शिकायत करने पर उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार आरोपी खुद को डॉक्टर बताते हुए कहता था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में आरोपी ने शादी के लिए 14 लाख रुपये की कार और 25 लाख रुपये नकद दहेज की मांग की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और एक बार दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या का प्रयास भी किया गया। तीसरी बार गर्भवती होने पर उसे दवा बताकर गर्भ गिराने की दवा दी गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी और उसके परिजनों की मिलीभगत से उसके चार गर्भ समाप्त कराए गए। उसने आरोपी के परिवार के सदस्यों, कुछ चिकित्सकों और नर्सों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।पीड़िता के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को आरोपी ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया और बाद में उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। वर्तमान में आरोपी गाजियाबाद में कार्यरत बताया जा रहा है।

पीड़िता ने यह भी बताया कि उसने 14 जून 2026 को मेडिकल थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कई बार थाने जाने और दस्तावेज देने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उसने आरोप लगाया कि आरोपी के एक रिश्तेदार के थाना पुलिस में तैनात होने के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

मामले को लेकर पीड़िता ने अब एसएसपी से निष्पक्ष जांच और आरोपी सहित सभी नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया हैयह मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।

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