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उत्तर प्रदेश
सुबह दौड़ लगाने घर से निकला था छात्र, रास्ते में सांड के हमले से दर्दनाक मौत
nidhi
4 Oct 2026 9:22 AM IST

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दौड़ लगाने निकले छात्र को सांड ने बनाया निशाना
गोंडा : उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। घर से दौड़ लगाने निकले कक्षा आठवीं के छात्र पर सांड ने हमला कर दिया। आरोप है कि सांड ने छात्र को कई बार उठाकर जमीन पर पटका, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग मदद के लिए पहुंचे, लेकिन छात्र की जान नहीं बचाई जा सकी। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
छात्र सुबह घर से दौड़ लगाने के लिए निकला था। वह नियमित गतिविधि के तहत सड़क की ओर गया था। इसी दौरान रास्ते में मौजूद सांड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। छात्र को संभलने और वहां से भागने का मौका नहीं मिला। सांड के हमले के कारण वह जमीन पर गिर गया। बताया जा रहा है कि सांड ने छात्र को एक से अधिक बार पटक दिया। गंभीर चोटें लगने के कारण छात्र बेसुध हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना देखी तो उसे बचाने के लिए दौड़े। किसी तरह सांड को वहां से हटाया गया और घायल छात्र को उपचार के लिए ले जाने की व्यवस्था की गई।
गंभीर चोटों के कारण छात्र की मौत हो गई। घटना की जानकारी जैसे ही उसके घर पहुंची, परिजन सदमे में आ गए। सुबह सामान्य तरीके से दौड़ लगाने के लिए घर से निकले बच्चे की अचानक मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। रिश्तेदार और आसपास के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। कक्षा आठवीं में पढ़ने वाले छात्र की मौत से उसके परिचितों और आसपास के लोगों में भी शोक का माहौल है। कम उम्र में इस तरह हुई मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों और आबादी वाले इलाकों में घूमने वाले सांड कई बार राहगीरों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरा बन जाते हैं। अचानक हमला होने की स्थिति में व्यक्ति के लिए खुद को बचाना मुश्किल हो सकता है। बाइक और साइकिल सवार भी छुट्टा पशुओं के कारण हादसों का शिकार हो सकते हैं। इस घटना के बाद लोगों ने ऐसे पशुओं को आबादी वाले इलाकों से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। खासकर आक्रामक पशुओं की पहचान कर उन्हें तत्काल पकड़ने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
छात्र की मौत ने एक बार फिर छुट्टा पशुओं से जुड़ी सुरक्षा समस्या को सामने ला दिया है। सुबह दौड़ लगाने निकले बच्चे की जिंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई। परिवार के लिए यह हादसा ऐसा सदमा बन गया है, जिससे उबरना आसान नहीं होगा। फिलहाल घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित जिम्मेदार विभाग ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे और सड़कों पर घूमने वाले खतरनाक पशुओं को सुरक्षित तरीके से हटाया जाएगा।
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