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उत्तर प्रदेश
करवाचौथ पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी की चमक, अलीगढ़ में हैवी और हल्के सेट की मांग
nidhi
24 Oct 2026 12:53 PM IST

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करवाचौथ की खरीदारी में मैचिंग ज्वेलरी पर जोर
अलीगढ़: करवाचौथ की तैयारियों के बीच शहर के बाजारों में आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी हो रही है। महिलाएं परिधान के साथ गहनों के डिजाइन, रंग और वजन पर भी ध्यान दे रही हैं। कुंदन और पोल्की शैली के हैवी सेट से लेकर अमेरिकन डायमंड, पर्ल तथा रंगीन स्टोन वाले हल्के डिजाइन पसंद किए जा रहे हैं। अमीर निशा और रेलवे रोड समेत विभिन्न बाजारों में त्योहार के लिए खरीदारी करने वाली महिलाएं पहुंच रही हैं। पारंपरिक अंदाज के साथ ऐसे विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं, जिन्हें बाद में दूसरे अवसरों पर पहना जा सके। दुकानदारों के अनुसार, लाल, मैरून और हरे परिधानों के साथ सुनहरी रंगत वाले गहने पसंद किए जा रहे हैं। हल्के रंगों के कपड़ों के लिए पर्ल और सिल्वर टोन वाले सेट भी विकल्प बन रहे हैं। नेकलेस के अलावा झुमके, मांगटीका, चूड़ियां और कंगन खरीदारी का हिस्सा हैं। सजावटी छलनी, करवा और दीपक भी बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि, बिक्री में प्रतिशत वृद्धि या कुल कारोबार का पुष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है।
परिधान देखकर चुनें गहनों का आकार
करवाचौथ के लिए ज्वेलरी चुनते समय कपड़ों की बनावट और कढ़ाई को साथ देखकर फैसला करना उपयोगी है। यदि साड़ी या लहंगे पर पहले से भारी काम है, तो एक प्रमुख आभूषण भी पूरे लुक को आकर्षक बना सकता है। बड़े झुमकों के साथ हल्का नेकपीस या चोकर के साथ छोटे ईयररिंग पहनने का विकल्प देखा जा सकता है। इसके विपरीत, साधारण साड़ी के साथ विस्तृत डिजाइन वाला हार प्रमुख आकर्षण बन सकता है। सभी आभूषण एक साथ भारी रखने की जरूरत नहीं है। पहनावे में संतुलन बनाने के लिए किसी एक हिस्से को केंद्र में रखना आसान तरीका है। अंतिम चुनाव व्यक्तिगत पसंद और आराम के अनुसार होना चाहिए।
हैवी दिखने और भारी होने में अंतर
किसी सेट का डिजाइन देखने में भव्य हो सकता है, लेकिन उसका वास्तविक वजन अलग होगा। इसलिए केवल तस्वीर या शीशे में दिख रहे रूप के आधार पर खरीदारी न करें। नेकलेस पहनकर देखें कि उसका भार गर्दन पर किस तरह पड़ रहा है। लंबे समय तक पहने जाने वाले आभूषणों में आराम विशेष महत्व रखता है। गले का सेट बार-बार खिसकता हो या झुमके पहनते ही खिंचाव महसूस हो, तो दूसरे विकल्प देखें। हल्के डिजाइन का अर्थ साधारण दिखना जरूरी नहीं है; अच्छी बनावट वाला छोटा सेट भी उत्सवी पहनावे के साथ जंच सकता है।
रंगों का मेल बनाएं, हूबहू मिलान जरूरी नहीं
कपड़ों और ज्वेलरी का रंग बिल्कुल समान होना अनिवार्य नहीं है। साड़ी की किनारी, ब्लाउज की कढ़ाई या दुपट्टे के किसी एक रंग से मेल लेकर भी चुनाव किया जा सकता है। कई रंगों वाले परिधान के साथ अपेक्षाकृत सरल गहने पहनना एक विकल्प है। खरीदारी के समय परिधान की तस्वीर साथ रखने से रंग चुनने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मोबाइल स्क्रीन और दुकान की रोशनी में रंग अलग दिखाई दे सकते हैं। संभव हो तो कपड़े का छोटा नमूना साथ रखें।
चूड़ी-कंगन में डिजाइन के साथ फिटिंग देखें
करवाचौथ के पहनावे में चूड़ियां और कंगन महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। फैशन विकल्पों में कांच की चूड़ियों के साथ कुंदन, स्टोन और पारंपरिक आकृतियों वाले कंगनों का संयोजन भी सामने आ रहा है।
चुनाव करते समय कंगन की फिटिंग जांचना जरूरी है। बहुत ढीला कंगन हाथ से निकल सकता है, जबकि छोटा आकार पहनने और उतारने में परेशानी देगा। किनारों और जोड़ की फिनिशिंग देखें, ताकि कपड़े में धागा न फंसे। घर में पहले से मौजूद चूड़ियों के साथ नया कंगन मिलाकर भी अलग संयोजन तैयार किया जा सकता है।
बजट तय करके करें तुलना
दुकान पर जाने से पहले तय करें कि पूरा सेट चाहिए या केवल ईयररिंग, हार अथवा कंगन। इससे खरीदारी का उद्देश्य स्पष्ट रहेगा। अलग-अलग दुकानों में समान दिखने वाले डिजाइन की कीमत और बनावट की तुलना करें। पत्थरों की पकड़, मोतियों की जोड़ाई, धागे, चेन तथा क्लैस्प की जांच करें। केवल चमक देखकर गुणवत्ता का अनुमान न लगाएं। रंग और पॉलिश कितने समय तक टिकने का दावा किया जा रहा है, इसकी जानकारी विक्रेता से लें।
दोबारा इस्तेमाल और रखरखाव पर ध्यान
ऐसा डिजाइन चुनना उपयोगी हो सकता है, जिसे अलग कपड़ों के साथ भी पहना जा सके। छोटे ईयररिंग, साधारण पेंडेंट या अलग इस्तेमाल हो सकने वाले कंगन भविष्य के समारोहों में काम आ सकते हैं। सेट के हर हिस्से को एक साथ पहनना आवश्यक नहीं है। इस्तेमाल के बाद गहनों को सूखे और अलग पाउच में रखें। उलझी चेन को खींचने के बजाय सावधानी से सुलझाएं। देखभाल के लिए विक्रेता के निर्देश समझें, क्योंकि अलग सामग्री और पॉलिश की जरूरतें अलग हो सकती हैं। करवाचौथ की खरीदारी में आकर्षक डिजाइन के साथ आराम, उपयोगिता और बजट को महत्व देने से चुनाव अधिक संतोषजनक रहेगा।
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