उत्तर प्रदेश

गांवों में सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, सरकार ने जारी किया बजट

Saba Naaz
17 July 2026 3:01 PM IST
गांवों में सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, सरकार ने जारी किया बजट
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बांदा। जिले की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत गांवों में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्य कराने के लिए शासन ने 9.30 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट को मंजूरी दे दी है। इस धनराशि से जिले की ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन, जल निकासी और स्वच्छता से संबंधित कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे।

शासन की मंजूरी के बाद अब ग्राम पंचायतों में स्वच्छता कार्यों की कार्ययोजना के अनुसार काम शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यों का उद्देश्य गांवों में बढ़ती गंदगी, कूड़ा-कचरे और तरल अपशिष्ट की समस्या को दूर करना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण तैयार होगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बांदा जिले में कुल 469 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत कार्य कराए जाएंगे। खासतौर पर बारिश के मौसम में फैलने वाली गंदगी, जलभराव और कचरे की समस्या को देखते हुए यह योजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ग्राम पंचायतों की ओर से स्वच्छता कार्यों के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसमें गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का निर्माण, सिल्ट कैचर, फिल्टर चैंबर, सोख्ता गड्ढे, वर्मी कंपोस्ट, नाडेप, खाद गड्ढे, लीच पिट, ई-रिक्शा और हैंडपंप के सोकपिट जैसे कार्य शामिल थे।

शासन ने भेजी गई कार्ययोजना के अनुसार सभी कार्यों के लिए पूरी धनराशि मंजूर नहीं की है, बल्कि पहले चरण में 9.30 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट को स्वीकृति दी गई है। इसका मतलब है कि ग्राम पंचायतें पहले स्वच्छता संबंधी कार्य कराएंगी और इसके बाद बिल प्रस्तुत करने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी स्वच्छता कार्यों का सत्यापन ब्लॉक स्तरीय टीम द्वारा किया जाएगा। इसमें सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम सचिव और कंसल्टिंग इंजीनियर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

कार्य पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर कार्यों की जांच करेंगे। सत्यापन के बाद ही भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सभी कार्यों के बिल एसएनए स्पर्श पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ग्राम पंचायतों को धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि डिजिटल माध्यम से भुगतान व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना है। इससे सरकारी धन के उपयोग की निगरानी भी आसान होगी।

जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत स्वच्छता कार्य कराने के लिए शासन से क्रेडिट लिमिट की संस्तुति प्राप्त हो गई है। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और ग्राम पंचायतों को सक्रिय रूप से काम करना होगा। स्वच्छता कार्यों के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा निस्तारण की सुविधा बढ़ेगी और लोगों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सकेगा।

इस योजना के तहत होने वाले कार्यों से न सिर्फ गांवों की सफाई व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था भी विकसित होगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद बांदा जिले की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी।

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