उत्तर प्रदेश

‘तवायफ गांव’ की सच्चाई और सामाजिक संघर्ष

Saba Naaz
22 Jun 2026 7:34 PM IST
‘तवायफ गांव’ की सच्चाई और सामाजिक संघर्ष
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उत्तर प्रदेश: बलिया जिले में एक ऐसा गांव है, जहां के लोग आज भी अपने गांव का नाम बताने से कतराते हैं. सिकंदरपुर तहसील के पंदह ब्लॉक की खड़सरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाला ‘रुपवार तवायफ’ गांव अपने नाम को लेकर लंबे समय से सामाजिक ताने-बाने और पहचान के संकट से जूझ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के नाम में शामिल ‘तवायफ’ शब्द की वजह से उन्हें समाज में अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ता है. इसका सबसे ज्यादा असर यहां के युवाओं के विवाह संबंधों पर पड़ रहा है. कई परिवारों को रिश्ते तय करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. लोग बताते हैं कि बाहर जाने पर जब वे अपना गांव बताते हैं तो उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है.

इसी वजह से गांव के लोग लंबे समय से नाम बदलकर ‘देवपुर’ रखने की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासन से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक गुहार लगा चुके हैं. 2023, 2024 और 2025 में प्रधानमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति तक को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

हाल ही में 2026 में भी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बलिया और उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर को ज्ञापन सौंपकर जल्द नाम बदलने की मांग दोहराई है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर नाम बदल दिया जाए तो आने वाली पीढ़ी को सामाजिक अपमान से राहत मिल सकेगी.

अब गांव के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन उनकी इस लंबे समय से लंबित मांग पर जल्द फैसला लेगा और ‘रुपवार तवायफ’ को नया सम्मानजनक नाम मिलेगा.

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